Uttar Pradesh News: उत्तर प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने दावा किया है कि राज्य के किसानों की आय में ऐतिहासिक वृद्धि हुई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में किसानों की सालाना कमाई 52 हजार से बढ़कर 1.20 लाख रुपये तक पहुंच गई है। कृषि मंत्री ने पिछली समाजवादी पार्टी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि उस समय किसान बदहाली का शिकार थे और उन्हें अपने ही हक के लिए वर्षों तक इंतजार करना पड़ता था।
गन्ना किसानों के भुगतान में बना नया रिकॉर्ड
गन्ना किसानों की स्थिति पर चर्चा करते हुए सूर्य प्रताप शाही ने बताया कि योगी सरकार ने अब तक 3.15 लाख करोड़ रुपये का रिकॉर्ड भुगतान किया है। पिछली सरकार में भुगतान के लिए किसानों को 34 महीनों तक भटकना पड़ता था, लेकिन अब यह प्रक्रिया महज 8 से 10 दिनों में पूरी हो रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि अखिलेश सरकार के दौरान मिल मालिकों के साथ सांठगांठ के कारण भुगतान रोका जाता था, जिससे किसानों का भारी आर्थिक शोषण हुआ।
बिजली बिल माफी और सिंचाई योजनाओं का लाभ
कृषि मंत्री ने राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि 16 लाख से अधिक किसानों के बिजली बिल माफ किए गए हैं। सरकार नलकूपों और सोलर पैनल के माध्यम से सिंचाई की आधुनिक सुविधाएं प्रदान कर रही है। वर्षों से अधूरी पड़ी सरयू नहर परियोजना को पूरा करके 14 लाख हेक्टेयर भूमि तक पानी पहुंचाया गया है। इसके साथ ही एमएसपी पर फसलों की रिकॉर्ड खरीद सुनिश्चित की जा रही है ताकि किसानों को सही मूल्य मिल सके।
कृषि उत्पादन में उत्तर प्रदेश की बड़ी छलांग
आंकड़ों को पेश करते हुए मंत्री ने कहा कि आज देश के कुल गन्ना उत्पादन में उत्तर प्रदेश की हिस्सेदारी 55 प्रतिशत हो चुकी है। राज्य में 425 लाख मीट्रिक टन गेहूं, 211 लाख मीट्रिक टन चावल और 245 लाख मीट्रिक टन आलू का उत्पादन हो रहा है। तिलहन के क्षेत्र में भी 48 लाख मीट्रिक टन का रिकॉर्ड उत्पादन दर्ज किया गया है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश अब फल और सब्जियों के उत्पादन में भी देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है।
एथेनॉल निर्माण से मिलें हुईं आत्मनिर्भर
सूर्य प्रताप शाही ने एथेनॉल नीति को गेम चेंजर बताते हुए कहा कि गन्ने से एथेनॉल बनाने से चीनी मिलें आर्थिक रूप से सशक्त हुई हैं। इससे गन्ना किसानों का बकाया भुगतान करना अब बेहद आसान और पारदर्शी हो गया है। उन्होंने समाजवादी पार्टी पर तंज कसते हुए कहा कि विपक्षी दल केवल चुनाव के समय जनता को गुमराह करने के लिए घड़ियाली आंसू बहाते हैं और बड़े-बड़े वादे करते हैं, जबकि सत्ता में रहते हुए उन्होंने जनता को सिर्फ बिजली के लिए तरसाया था।
बिजली दरों और वीआईपी संस्कृति पर कड़ा प्रहार
कृषि मंत्री ने पिछली सरकार की बिजली नीति की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव के शासनकाल में इटावा, कन्नौज और रामपुर जैसे चुनिंदा जिलों में ही 24 घंटे बिजली रहती थी, जबकि बाकी प्रदेश अंधेरे में रहता था। उस दौर में बिजली की दरों में 60 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी की गई थी, जिस पर हाईकोर्ट ने भी कड़ी टिप्पणी की थी। इसके विपरीत, वर्तमान सरकार बिना किसी भेदभाव के पूरे प्रदेश को पर्याप्त बिजली आपूर्ति सुनिश्चित कर रही है।
