Chandigarh News: शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया ने पंजाब की सत्ताधारी आम आदमी पार्टी में मची भगदड़ को लेकर मुख्यमंत्री भगवंत मान पर तीखा हमला बोला है। मजीठिया ने तंज कसते हुए कहा कि जब कुर्सी डगमगाने लगी, तब मुख्यमंत्री को राष्ट्रपति की याद आई। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री ने पंजाब के असल मुद्दों जैसे बंदी सिंहों की रिहाई और किसानों की समस्याओं पर कभी राष्ट्रपति से मिलने की कोशिश नहीं की।
गद्दार और ईमानदार की परिभाषा पर मजीठिया के चुभते सवाल
बिक्रम मजीठिया ने ‘आप’ छोड़ने वाले नेताओं को गद्दार कहे जाने पर मुख्यमंत्री को आड़े हाथों लिया। उन्होंने सवाल किया कि यदि पार्टी छोड़ने वाले गद्दार हैं, तो दूसरी पार्टियों से ‘आप’ में आए नेता क्या ईमानदार थे? मजीठिया ने सुखविंदर सुखी, राजकुमार चब्बेवाल और मोहिंदर भगत जैसे कई नेताओं के नाम गिनाए। उन्होंने पूछा कि क्या सत्ता के लिए दल बदलने वाले ये लोग गद्दार नहीं हैं? उन्होंने मुख्यमंत्री पर राजनीतिक अवसरवाद का बड़ा आरोप लगाया है।
संसाधनों की लूट का आरोप और विधानसभा भंग करने की मांग
अकाली दल के नेता ने मुख्यमंत्री से तुरंत इस्तीफे की मांग की है। मजीठिया का दावा है कि दिल्ली हाईकमान पंजाब के संसाधनों की कथित लूट कर रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री को सलाह दी कि वे नैतिकता के आधार पर पद छोड़ें और राज्यपाल को विधानसभा भंग करने की सिफारिश करें। मजीठिया के अनुसार, पंजाब की जनता को दोबारा फैसला करने का मौका मिलना चाहिए। उन्होंने दिल्ली के नेताओं के दखल को पंजाब के स्वाभिमान के खिलाफ बताया है।
पंजाब के खजाने और ‘सुपर सीएम’ कल्चर पर गंभीर प्रहार
मजीठिया ने आरोप लगाया कि पंजाब का खजाना दिल्ली के नेताओं की सुख-सुविधाओं और सरकारी जहाजों के हवाई सफर पर लुटाया गया है। उन्होंने राघव चड्ढा को दी गई कोठी और अन्य सुविधाओं पर भी सवाल उठाए। मजीठिया ने पूछा कि पंजाब पुलिस की सुरक्षा और गाड़ियां दिल्ली के नेताओं को किसके आदेश पर दी गईं? उन्होंने आरोप लगाया कि ‘सुपर सीएम’ कल्चर ने पंजाब के हितों को नुकसान पहुंचाया है, जिसके लिए सीधे तौर पर मान जिम्मेदार हैं।
भ्रष्टाचार की फाइलों का डर और वालंटियरों से विश्वासघात
अकाली नेता ने दावा किया कि आम आदमी पार्टी के भीतर की लड़ाई सत्ता और लालच का नतीजा है। उन्होंने कहा कि कई मंत्री और विधायक भ्रष्टाचार की फाइलें खुलने के डर से पार्टी छोड़ने की तैयारी में हैं। मजीठिया ने भावुक होते हुए कहा कि पोस्टर लगाने वाले वालंटियरों के सपनों का सौदा कर दिया गया है। दिल्ली की लीडरशिप ने पंजाब को दोनों हाथों से लूटा है और आज पार्टी का जमीनी कार्यकर्ता खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहा है।
