Washington News: इजरायल और लेबनान के बीच जारी खूनी संघर्ष में एक बड़ा मोड़ आया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस युद्धविराम को तीन हफ्तों के लिए बढ़ा दिया है। वाइट हाउस की एक अहम बैठक के बाद यह बड़ा फैसला लिया गया। ट्रंप ने ओवल ऑफिस में इजरायल और लेबनान के राजदूतों से लंबी बातचीत की है। अमेरिका की मध्यस्थता में यह बातचीत का दूसरा दौर था। उम्मीद है कि जल्द ही दोनों देशों के शीर्ष नेता मिलेंगे।
ट्रंप ने ईरान को दी कड़ी चेतावनी
डोनाल्ड ट्रंप ने शांति के लिए ईरान को सख्त लहजे में चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में स्थिरता के लिए ईरान को हिजबुल्लाह की फंडिंग तुरंत रोकनी होगी। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर ट्रंप ने इस बैठक को बेहद सार्थक बताया। उन्होंने साफ किया कि हिजबुल्लाह से निपटने के लिए अमेरिका अब लेबनान का पूरा साथ देगा। इस अहम बैठक में अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और विदेश मंत्री मार्को रुबियो मौजूद रहे।
हवाई हमले में गई कई बेगुनाहों की जान
वाइट हाउस में शांति वार्ता से ठीक एक दिन पहले भारी तबाही मची थी। इजरायल ने लेबनान पर एक बड़ा हवाई हमला किया था। इस दर्दनाक हमले में एक जानी-मानी पत्रकार समेत पांच लोगों की मौत हो गई। लेबनान में सोलह अप्रैल को युद्धविराम लागू हुआ था। इसके बाद यह देश के लिए सबसे खौफनाक दिन साबित हुआ। जान गंवाने वालों में मशहूर लेबनानी पत्रकार अमल खलील भी शामिल थीं। इससे काफी तनाव बढ़ गया।
हिजबुल्लाह ने रखी शांति के लिए कड़ी शर्त
हिजबुल्लाह ने इस नए युद्धविराम पर अपनी तीखी प्रतिक्रिया दी है। समूह के सांसद हसन फदलल्लाह ने कहा कि वे शांति का समर्थन करते हैं। लेकिन इजरायल को सभी शर्तों का पूरी तरह से पालन करना होगा। उन्होंने इजरायल के साथ किसी भी सीधी बातचीत से साफ इनकार कर दिया है। इजरायली सेना ने दो मार्च को लेबनान पर बड़ा हमला बोला था। लेबनानी अधिकारियों के अनुसार तब से अब तक पच्चीस सौ मौतें हुई हैं।
