5 साल में 50 से 500 के पार: हिमाद्री स्पेशियलिटी केमिकल ने निवेशकों को बनाया मालामाल, अब डिविडेंड के साथ आई बड़ी खबर

Share Market News: शेयर बाजार में जारी उतार-चढ़ाव के बीच हिमाद्री स्पेशियलिटी केमिकल्स (HSCL) के शेयर ने निवेशकों के लिए वेल्थ क्रिएटर की भूमिका निभाई है। पिछले पांच वर्षों में इस स्टॉक ने 1100% से अधिक का शानदार रिटर्न देकर सबको चौंका दिया है। अप्रैल 2021 में महज 50 रुपये पर ट्रेड करने वाला यह शेयर अब 500 रुपये के पार निकल चुका है। कंपनी ने अब अपने मजबूत तिमाही नतीजों के साथ शेयरधारकों के लिए डिविडेंड का भी ऐलान कर दिया है।

मुनाफे के साथ 80 फीसदी डिविडेंड का तोहफा

हिमाद्री स्पेशियलिटी केमिकल ने गुरुवार को वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही के नतीजे घोषित किए। कंपनी ने शानदार प्रदर्शन को देखते हुए 1 रुपये की फेस वैल्यू वाले शेयर पर 80% डिविडेंड देने का निर्णय लिया है। एक्सचेंज फाइलिंग के मुताबिक, प्रत्येक शेयर पर 0.80 रुपये का लाभांश दिया जाएगा। डिविडेंड के लिए रिकॉर्ड डेट की घोषणा आगामी वार्षिक आम बैठक (AGM) के बाद की जाएगी। इस खबर से निवेशकों में उत्साह का माहौल है।

चौथी तिमाही में रेवेन्यू और प्रॉफिट का कमाल

कंपनी के स्टैंडअलोन वित्तीय नतीजों पर नजर डालें तो चौथी तिमाही में कुल रेवेन्यू 1,163.22 करोड़ रुपये रहा है। इस अवधि के दौरान कंपनी ने 185.70 करोड़ रुपये का शुद्ध मुनाफा दर्ज किया है। पूरे वित्त वर्ष 2025-26 के लिए स्टैंडअलोन आधार पर कुल आय 4,581.41 करोड़ रुपये रही। वहीं, सालभर का शुद्ध लाभ 749.70 करोड़ रुपये दर्ज किया गया है। टैक्स से पहले का लाभ (PBT) भी 991.36 करोड़ रुपये के मजबूत स्तर पर रहा।

हुगली प्लांट में विस्तार और नई यूनिट का आगाज

तिमाही नतीजों के साथ ही कंपनी ने अपने भविष्य के विस्तार की योजनाएं भी साझा की हैं। पश्चिम बंगाल के हुगली प्लांट में 70,000 एमटीपीए क्षमता वाली स्पेशल कार्बन ब्लैक लाइन का कमर्शियल ऑपरेशन शुरू हो गया है। इसके अलावा 23 अप्रैल 2026 को पहली एनोड मटेरियल प्रोडक्शन फैसिलिटी की शुरुआत भी कर दी गई है। इन कदमों से कंपनी की उत्पादन क्षमता और प्रोडक्ट मिक्स में बड़ा सुधार होने की उम्मीद जताई जा रही है।

सप्लाई चेन मजबूत करने के लिए चीन में एंट्री

हिमाद्री केमिकल्स ने ग्लोबल सप्लाई चेन को बेहतर बनाने के लिए चीन के ग्वांगझू में नई सहायक कंपनी बनाने को मंजूरी दी है। यह एक ‘स्टेप डाउन सब्सिडियरी’ होगी, जिस पर मुख्य कंपनी का पूरा नियंत्रण रहेगा। इस रणनीतिक कदम से बैटरी मटेरियल्स और हाई वैल्यू प्रोडक्ट्स के अंतरराष्ट्रीय बाजार में कंपनी की पकड़ मजबूत होगी। जानकारों का मानना है कि कंपनी की आक्रामक विस्तार नीति आने वाले समय में भी शेयर में तेजी बरकरार रख सकती है।

SOURCE: न्यूज एजेंसी
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