Share Market News: भारतीय शेयर बाजार में बुधवार को जबरदस्त बिकवाली देखने को मिली। दलाल स्ट्रीट पर मचे इस कोहराम में सेंसेक्स और निफ्टी दोनों प्रमुख इंडेक्स भारी गिरावट के साथ बंद हुए। लगातार दूसरे सत्र में गिरावट के चलते निफ्टी 24,200 के महत्वपूर्ण स्तर से नीचे फिसल गया है। निवेशकों के मन में अब इस गिरावट को लेकर गहरी चिंता पैदा हो गई है। बाजार में बिकवाली का दबाव इतना अधिक था कि सेंसेक्स 1 प्रतिशत से ज्यादा टूट गया।
सेंसेक्स और निफ्टी में भारी गिरावट
बुधवार को शेयर बाजार में कारोबार के अंत में सेंसेक्स 852.49 अंक यानी 1.09 प्रतिशत गिरकर 77,664 पर बंद हुआ। वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 205.05 अंक या 0.84 प्रतिशत की गिरावट के साथ 24,173.05 के स्तर पर आ गया। बाजार के जानकारों के अनुसार वैश्विक संकेतों और घरेलू बिकवाली ने इंडेक्स पर दबाव बनाया है। इस गिरावट ने बाजार के पिछले कई दिनों के लाभ को पूरी तरह खत्म कर दिया है।
बाजार में शेयरों का हाल
बाजार में बुधवार को बढ़त वाले शेयरों के मुकाबले गिरने वाले शेयरों की संख्या काफी ज्यादा रही। लगभग 1688 शेयरों में मजबूती देखी गई, जबकि 2409 शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। करीब 155 शेयरों की कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ। निवेशकों ने बैंकिंग और आईटी जैसे प्रमुख सेक्टरों में जमकर बिकवाली की। छोटे और मध्यम दर्जे के शेयरों यानी मिडकैप और स्मॉलकैप में भी गिरावट का असर साफ तौर पर दिखाई दिया।
गुरुवार को भी कमजोर शुरुआत
गुरुवार सुबह जब बाजार खुला तो निवेशकों को राहत नहीं मिली और गिरावट का सिलसिला जारी रहा। सेंसेक्स पिछले क्लोजिंग लेवल 78,516.49 के मुकाबले 77,983.66 पर खुला है। निफ्टी की शुरुआत भी काफी सुस्त रही और यह 24,378.10 के मुकाबले 24,202.35 पर ओपन हुआ। शुरुआती कारोबार में ही बाजार लाल निशान पर कारोबार कर रहा है। ट्रेडर्स अब आने वाले समय के लिए बाजार में सुधार का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।
निवेशकों के लिए आगे की राह
शेयर बाजार के विशेषज्ञों का मानना है कि वर्तमान में निफ्टी के लिए 24,100 एक मजबूत सपोर्ट लेवल है। यदि निफ्टी इस स्तर से नीचे गिरता है, तो बाजार में और अधिक गिरावट देखने को मिल सकती है। निवेशकों को सलाह दी जा रही है कि वे जल्दबाजी में कोई फैसला न लें। बाजार में उतार-चढ़ाव के इस दौर में केवल गुणवत्ता वाले शेयरों में ही निवेश बनाए रखें। आने वाले हफ्तों में वैश्विक घटनाक्रम बाजार की दिशा तय करेंगे।
