West Bengal News: पश्चिम बंगाल में मतदान के दौरान भारी हिंसा और अराजकता की खबरें सामने आ रही हैं। कुमारगंज में भाजपा उम्मीदवार सुवेंदु सरकार पर उग्र भीड़ ने जानलेवा हमला कर दिया। उन्हें अपनी जान बचाने के लिए सड़क पर दौड़ते हुए देखा गया। इसके अलावा मुर्शिदाबाद में देसी बम चलने और कूचबिहार में केंद्रीय सुरक्षाबलों द्वारा लाठीचार्ज की घटनाओं ने चुनाव की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। निर्वाचन आयोग ने इन मामलों में सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
भाजपा उम्मीदवार सुवेंदु सरकार पर हमला और ईसी का एक्शन
दक्षिण दिनाजपुर के कुमारगंज में भाजपा प्रत्याशी सुवेंदु सरकार को मतदान में बाधा डालने की सूचना मिली थी। जब वे स्थिति का जायजा लेने बूथ पर पहुंचे, तो उन पर कथित टीएमसी समर्थकों ने हमला कर दिया। वायरल वीडियो में सुवेंदु सुरक्षा गार्ड के होने के बावजूद भीड़ से पिटते हुए नजर आ रहे हैं। निर्वाचन आयोग ने इस घटना का कड़ा संज्ञान लिया है। आयोग ने वीडियो में दिख रहे हमलावरों की तत्काल गिरफ्तारी के आदेश पुलिस प्रशासन को दिए हैं।
मुर्शिदाबाद में बमबाजी और हुमायूं कबीर का धरना
मुर्शिदाबाद जिले के नौदा क्षेत्र में मतदान शुरू होने से पहले ही माहौल बेहद तनावपूर्ण हो गया। बुधवार देर रात इलाके में अज्ञात उपद्रवियों ने कई देसी बम फेंके। इस घटना में कुछ ग्रामीण गंभीर रूप से घायल हुए हैं। इसके विरोध में जब आम जनता उन्नयन पार्टी के प्रमुख हुमायूं कबीर मौके पर पहुंचे, तो उनकी कार पर पथराव किया गया। टीएमसी कार्यकर्ताओं के साथ हुई तीखी झड़प के बाद हुमायूं कबीर वहीं धरने पर बैठ गए। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
कूचबिहार में मतदान के दौरान सुरक्षाबलों का लाठीचार्ज
कूचबिहार के तूफानगंज इलाके में मतदान के समय भारी भीड़ जमा होने से स्थिति अनियंत्रित हो गई। आरोप है कि कुछ असामाजिक तत्व मतदाताओं को डराने और मतदान प्रभावित करने की कोशिश कर रहे थे। स्थिति को बिगड़ता देख वहां तैनात केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) के जवानों ने मोर्चा संभाला। सुरक्षा बलों को भीड़ को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज करना पड़ा। जवानों ने संदिग्ध तत्वों को खदेड़कर इलाके में दोबारा शांति बहाल की और मतदान प्रक्रिया को सुचारू रूप से शुरू कराया।
सिलिगुड़ी और मालदा में भी चुनावी हिंसा का तांडव
राज्य के अन्य हिस्सों जैसे सिलिगुड़ी और मालदा से भी कार्यकर्ताओं के बीच झड़प और हंगामे की खबरें लगातार आ रही हैं। कई बूथों पर फर्जी मतदान और पोलिंग एजेंटों को रोकने के आरोप लगे हैं। निर्वाचन आयोग इन सभी क्षेत्रों में वेबकास्टिंग के जरिए पैनी नजर रख रहा है। संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं। हालांकि, इन हिंसक घटनाओं ने लोकतंत्र के उत्सव में भय का माहौल पैदा कर दिया है। प्रशासन आरोपियों की पहचान करने में जुटा है।
