Israel News: इजरायल में मंगलवार को युद्ध पीड़ितों की याद में एक राज्य स्मृति सभा का आयोजन किया गया। इस भावुक सभा में इजरायल के राष्ट्रपति इसाक हरजोग और प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू शामिल हुए। इस दौरान ईरान युद्ध और हमास के हमलों में जान गंवाने वाले लोगों के परिवार भी मौजूद थे। प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने देश की सुरक्षा के प्रति अपनी मजबूत प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने दुश्मनों को कड़ी चेतावनी देते हुए भविष्य में सख्त जवाबी कार्रवाई का स्पष्ट संदेश दिया है।
दुख की इस घड़ी में पूरा देश एक परिवार
प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने स्मृति सभा को संबोधित करते हुए गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं। उन्होंने पीड़ित परिवारों से कहा कि उनका गहरा नुकसान पूरे देश का नुकसान है। घायलों का हर शारीरिक और मानसिक दर्द सभी इजरायली नागरिकों का दर्द है। नेतन्याहू ने जोर देकर कहा कि इस कठिन समय में पूरा इजरायल एक ही परिवार की तरह है। संकट की इस घड़ी में सभी देशवासी एक साथ खड़े हैं। यह अटूट एकता ही इजरायल की सबसे बड़ी और असली ताकत है।
दुश्मनों की नफरत और शिक्षा प्रणाली पर सवाल
नेतन्याहू ने यरुशलम की एक दर्दनाक घटना का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि दुश्मनों की नफरत ने कई मासूमों की जान ली है। इजरायली प्रधानमंत्री ने कहा कि हमारे और दुश्मनों के बीच गहरी नैतिक खाई है। एक तरफ शांति चाहने वाले लोग हैं, तो दूसरी तरफ विनाशकारी ताकतें काम कर रही हैं। उन्होंने विरोधी देशों के धार्मिक नेताओं और शिक्षा प्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए। नेतन्याहू के अनुसार, वहां बचपन से ही मासूम बच्चों के दिमाग में लगातार जहर भरा जाता है।
सात अक्टूबर का नरसंहार और पुराना इतिहास
प्रधानमंत्री ने देशवासियों को नब्बे साल पहले 1936 में हुए भीषण दंगों की याद दिलाई। उन्होंने कहा कि उस समय भी यहूदी समुदाय को भारी नुकसान पहुंचाया गया था। फिर भी पूरा देश मजबूती से टिका रहा। नेतन्याहू ने कहा कि कट्टरता का सबसे क्रूर रूप ढाई साल पहले सात अक्टूबर को सामने आया था। पश्चिमी नेगेव में हुए उस भयंकर नरसंहार को सिम्हात तोरा के दिन अंजाम दिया गया था। इस दर्दनाक हमले ने पूरी दुनिया को गहरे सदमे में डाल दिया था।
संयुक्त राष्ट्र का संबोधन और हमास पर दबाव
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने सितंबर 2025 में संयुक्त राष्ट्र के भाषण का हवाला दिया। उन्होंने बताया कि दुनिया को गाजा में हमास के अपराधों की सच्चाई दिखाई गई थी। नेतन्याहू ने स्पष्ट किया कि इजरायली सेना और अमेरिकी सहयोग से बंधकों की वापसी संभव हुई है। हालांकि उन्होंने साफ कर दिया कि यह लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई है। इजरायल उन सभी आतंकियों को ढूंढ़कर खत्म करेगा जिन्होंने देश को भारी नुकसान पहुंचाया है।
ऑपरेशन ‘रोरिंग लायन’ और इजरायल का अटूट हौसला
इजरायली खुफिया एजेंसियां और सेना दुश्मनों का लगातार पीछा कर रही हैं। उन्हें कई अभियानों में सफलताएं मिली हैं। नेतन्याहू ने ऑपरेशन ‘रोरिंग लायन’ का विशेष उल्लेख किया। उन्होंने बेत शेमेश शहर का दौरा किया था। वहां उन्होंने ईरान के हमले से तबाह हुई जगह पर मलबे के बीच इजरायल का झंडा देखा। प्रधानमंत्री ने इसे इजरायली नागरिकों की अटूट हिम्मत का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि इजरायल तबाही लाने वालों के सामने कभी नहीं झुकेगा।
