Himachal Pradesh News: हिमाचल प्रदेश सरकार ने पंचायत चुनावों से पहले ऐतिहासिक घोषणा की है। राज्य में पंचायत चुनाव बिना किसी विरोध के संपन्न कराने पर भारी इनाम मिलेगा। सरकार ने निर्विरोध चुने जाने वाले प्रतिनिधियों के लिए नई प्रोत्साहन योजना शुरू की है। इस योजना के तहत जीतने वाले निकायों को सीधे पच्चीस लाख से लेकर एक करोड़ रुपये तक की नकद राशि मिलेगी। इसका मुख्य उद्देश्य चुनावी प्रक्रिया को पूरी तरह से सरल और शांतिपूर्ण बनाना है।
जिला परिषद और पंचायत समिति के लिए भारी इनाम
पंचायती राज विभाग ने इस योजना के विस्तृत आदेश मंगलवार को जारी कर दिए हैं। अगर कोई जिला परिषद अपने सभी सदस्यों और अध्यक्ष को निर्विरोध चुनती है तो उसे एक करोड़ रुपये मिलेंगे। इसी तरह पंचायत समिति स्तर पर निर्विरोध चुनाव होने पर पचास लाख रुपये का शानदार इनाम दिया जाएगा। यह बड़ी राशि सीधे विकास कार्यों में इस्तेमाल होगी। सरकार ने साफ किया है कि यह लाभ केवल आगामी पंचायत आम चुनावों के लिए ही मान्य होगा।
ग्राम पंचायतों को मिलेंगे पच्चीस लाख रुपये
इस विशेष योजना के तहत राज्य की ग्राम पंचायतों को भी बड़ा वित्तीय लाभ मिलेगा। यदि कोई ग्राम पंचायत प्रधान और उपप्रधान सहित सभी सदस्यों को बिना चुनाव चुन लेती है तो सरकार पच्चीस लाख रुपये देगी। पंचायती राज विभाग ने सभी जिलों के उपायुक्तों को निर्देश दिए हैं। उन्हें इस अहम योजना की पूरी जानकारी हर गांव तक पहुंचानी होगी। इसका बड़ा फायदा यह होगा कि ज्यादा से ज्यादा पंचायतें इस लाभकारी योजना का हिस्सा बन सकेंगी।
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश और चुनाव की तारीखें
राज्य चुनाव आयोग ने आज शिमला में शहरी निकाय चुनावों की आधिकारिक तारीखों का ऐलान कर दिया है। मुख्य चुनाव आयुक्त के अनुसार पंचायत चुनावों की आधिकारिक घोषणा भी महज एक सप्ताह के भीतर हो जाएगी। हिमाचल प्रदेश में लगभग छत्तीस सौ ग्राम पंचायतें हैं जहां जल्द चुनाव होने हैं। सर्वोच्च न्यायालय ने राज्य सरकार को इकतीस मई तक पंचायत चुनाव हर हाल में संपन्न करवाने के सख्त निर्देश दिए हैं। इसलिए सरकार और प्रशासन चुनावी तैयारियों में जुटे हैं।
