Haryana News: हरियाणा सरकार ने राज्य के औद्योगिक विकास को नई रफ्तार देने के लिए एक बड़ा मास्टरप्लान तैयार किया है। उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह ने बताया कि 135 किलोमीटर लंबा केएमपी एक्सप्रेसवे अब आधुनिक शहरीकरण का मुख्य केंद्र बनेगा। इसके दोनों ओर पंचग्राम विकास प्राधिकरण के तहत सिंगापुर की तर्ज पर पांच नए शहर बसाए जाएंगे। यह कदम ‘विकसित भारत-2047’ के विजन को ध्यान में रखकर उठाया गया है। इस शानदार पहल से राज्य में भारी विदेशी निवेश आएगा।
दस नई औद्योगिक टाउनशिप से बदलेगी राज्य की तस्वीर
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने साल 2030 तक दस नई औद्योगिक मॉडल टाउनशिप स्थापित करने की अहम घोषणा की थी। इनमें से पांच टाउनशिप को सरकार की मंजूरी मिल चुकी है और विकास प्रक्रिया जारी है। प्रस्तावित दस में से तीन टाउनशिप को विशेष रूप से राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में विकसित किया जाएगा। यह विकास कार्य मुख्य रूप से केएमपी एक्सप्रेसवे के आसपास केंद्रित होगा। इन नए शहरों से दिल्ली पर बढ़ती आबादी का भारी दबाव काफी हद तक कम होगा।
औद्योगिक नीति में बदलाव और बजट में भारी बढ़ोतरी
हरियाणा सरकार ने अपनी मौजूदा औद्योगिक नीति में कई अहम बदलाव किए हैं। इसका मुख्य मकसद निवेश बढ़ाना और बुनियादी ढांचे को मजबूत करना है। पिछले साल उद्योग विभाग के बजट में 125 प्रतिशत की ऐतिहासिक बढ़ोतरी की गई थी। आगामी बजट में इस राशि को और अधिक बढ़ाने की मजबूत योजना है। उद्योग मंत्री ने स्पष्ट किया है कि निगम का लक्ष्य सिर्फ राजस्व कमाना बिल्कुल नहीं है। इसका असली उद्देश्य उद्योगपतियों को एक बेहतरीन और सुरक्षित कारोबारी माहौल देना है।
एयरपोर्ट कनेक्टिविटी और आईटी हब से मिलेगी वैश्विक पहचान
हरियाणा अपनी शानदार भौगोलिक स्थिति के कारण बड़े निवेशकों की पहली पसंद बन रहा है। यह राज्य तीन तरफ से राजधानी दिल्ली से जुड़ा है। यहां से आईजीआई हवाई अड्डा और जेवर एयरपोर्ट सिर्फ तीस मिनट की आसान दूरी पर हैं। हरित क्रांति के बाद अब गुरुग्राम एक बड़े वैश्विक आईटी हब के रूप में पहचान बना चुका है। इन सभी आधुनिक प्रोजेक्ट्स के पूरे होने के बाद हरियाणा देश की नई औद्योगिक क्रांति का पूरी तरह से सफल नेतृत्व करेगा।
