बिना स्टीयरिंग और ब्रेक वाली कार बन रहा है AI, नोबेल विजेता की खौफनाक चेतावनी से दुनिया सन्न!

Geneva News: दुनिया भर में कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी एआई तकनीक का डंका बज रहा है। इसके फायदों के साथ गंभीर खतरे भी सामने आने लगे हैं। एआई के पितामह और नोबेल पुरस्कार विजेता जियोफ्री हिंटन ने दुनिया को खौफनाक चेतावनी दी है। उन्होंने एआई की तुलना बिना स्टीयरिंग और बिना ब्रेक वाली एक कार से की है, जो तेज गति से ढलान पर भाग रही है। यह चेतावनी संयुक्त राष्ट्र के एक बड़े डिजिटल सम्मेलन में दी गई है।

खतरे में दुनिया, बिना ब्रेक की कार जैसा एआई

जिनेवा में आयोजित डिजिटल विश्व सम्मेलन में जियोफ्री हिंटन ने अपनी चिंताएं जाहिर कीं। उन्होंने कहा कि बिना ब्रेक वाली कार से बाहर निकलना खतरनाक है। लेकिन अगर उसमें स्टीयरिंग व्हील भी न हो, तो यह जानलेवा मुसीबत बन जाती है। हिंटन ने दुनिया के सभी देशों से तत्काल बड़ी अपील की है। एआई के सुरक्षित संचालन के लिए बेहद कड़े नियम बनाने होंगे। इस तकनीक को समाज की सेवा करनी चाहिए, न कि नुकसान पहुंचाना चाहिए।

कुछ ही सालों में जापान से बड़ी होगी एआई इकोनॉमी

एआई का बाजार बहुत चौंकाने वाली गति से लगातार बढ़ रहा है। संयुक्त राष्ट्र व्यापार और विकास यानी अंकटाड ने एक अहम रिपोर्ट जारी की है। इस तकनीक और नवाचार रिपोर्ट के मुताबिक वैश्विक एआई बाजार तेजी से फैल रहा है। साल 2023 में यह बाजार 189 अरब डॉलर का था। अनुमान है कि 2033 तक यह बढ़कर 4.8 ट्रिलियन डॉलर का हो जाएगा। एक दशक में एआई अर्थव्यवस्था जापान देश से भी बड़ी हो जाएगी।

अमीर और गरीब देशों के बीच बढ़ रही है भयानक खाई

अंकटाड के कार्यवाहक महासचिव पैड्रो मैनुअल मोरेनो ने दुनिया को एक और बड़ा खतरा बताया है। एआई बनाने और इसे नियंत्रित करने की पूरी ताकत कुछ ही बड़ी कंपनियों के पास है। अंतरराष्ट्रीय दूरसंचार संघ की महासचिव डोरीन बोगडान-मार्टिन ने भी इस मुद्दे पर चिंता जताई है। विकसित देश विकासशील देशों की तुलना में दोगुनी तेजी से एआई को अपना रहे हैं। यह स्थिति अमीर और गरीब देशों के बीच बहुत बड़ी खाई पैदा कर रही है।

लोकतंत्र पर मंडरा रहा है झूठी खबरों का बड़ा खतरा

मैड्रिड में संयुक्त राष्ट्र के एआई स्वतंत्र अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिक पैनल की अहम बैठक हुई। इसकी सह-अध्यक्षता नोबेल शांति पुरस्कार विजेता मारिया रसा खुद कर रही हैं। उन्होंने चेतावनी दी है कि एआई उपकरण अब बहुत शक्तिशाली और खतरनाक हो गए हैं। इन उपकरणों के जरिए बड़े पैमाने पर झूठी खबरें बहुत तेजी से फैलाई जा रही हैं। इससे विमर्श युद्ध छिड़ गया है जो सीधे लोकतांत्रिक प्रणालियों को पूरी तरह कमजोर कर रहा है।

कड़े नियम बनाने के लिए संयुक्त राष्ट्र ने कसी कमर

इस गंभीर संकट से निपटने के लिए दुनिया भर में वैश्विक नीतियां बनाई जा रही हैं। वैज्ञानिक पैनल में मारिया रसा के साथ मशहूर कंप्यूटर वैज्ञानिक योशुआ बेंगियो भी शामिल हैं। यह पैनल एआई के सभी खतरों का बहुत गहराई से अध्ययन कर रहा है। जुलाई में जिनेवा में एआई शासन पर संयुक्त राष्ट्र का एक वैश्विक संवाद आयोजित होगा। उभरती प्रौद्योगिकियों पर संयुक्त राष्ट्र के विशेष दूत अमनदीप गिल ने इसकी अहम जानकारी दी है।

SOURCE: न्यूज एजेंसी
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