America News: हिंद महासागर में अमेरिकी सेना ने एक बार फिर बड़ी कार्रवाई करते हुए ईरान के तेल टैंकर ‘मैजेस्टिक X’ को जब्त कर लिया है। अमेरिकी रक्षा विभाग ने पुष्टि की है कि यह टैंकर अवैध रूप से ईरानी तेल की तस्करी में शामिल था। यह घटना ऐसे समय में हुई है जब मध्य पूर्व के समुद्री रास्तों पर तनाव चरम पर है। अमेरिकी कार्रवाई का उद्देश्य ईरान के आर्थिक संसाधनों और अवैध नेटवर्क को पूरी तरह तोड़ना है।
समुद्री सुरक्षा और अमेरिकी रक्षा विभाग का कड़ा रुख
अमेरिकी रक्षा विभाग ने इस जब्ती को वैश्विक समुद्री सुरक्षा के लिए एक आवश्यक कदम बताया है। पेंटागन के अनुसार, वे ईरान को सामग्री सहायता देने वाले किसी भी जहाज को रोकने के लिए प्रतिबद्ध हैं। अधिकारी दुनिया के किसी भी कोने में काम कर रहे ऐसे अवैध जहाजों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रखेंगे। अमेरिकी सेना का यह रुख स्पष्ट करता है कि वे अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में ईरान की बढ़ती गतिविधियों को कतई बर्दाश्त नहीं करेंगे।
ईरानी हमले के बाद अमेरिका की जवाबी कार्रवाई
यह कार्रवाई तब हुई जब बुधवार को ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य में तीन मालवाहक जहाजों पर हमला किया था। ईरान ने उनमें से दो जहाजों को अपने कब्जे में ले लिया था, जिससे वैश्विक व्यापार मार्ग में दहशत फैल गई। इसके जवाब में अमेरिका ने गुरुवार को हिंद महासागर में ‘मैजेस्टिक X’ को निशाना बनाया। विशेषज्ञों का मानना है कि यह केवल एक जब्ती नहीं, बल्कि ईरान के लिए अमेरिका की ओर से एक सख्त रणनीतिक चेतावनी है।
जहाज पर अमेरिकी सैनिकों की रेड का वीडियो जारी
अमेरिकी रक्षा विभाग ने इस पूरी कार्रवाई का एक सनसनीखेज वीडियो भी जारी किया है। वीडियो में अमेरिकी सैनिक ‘मैजेस्टिक X’ के डेक पर उतरते और जहाज को अपने नियंत्रण में लेते हुए दिखाई दे रहे हैं। जानकारी के अनुसार, यह विशाल टैंकर चीन के झोउशान बंदरगाह की ओर बढ़ रहा था। अमेरिकी खुफिया विभाग इस जहाज की गतिविधियों पर काफी समय से नजर रख रहा था। वीडियो साक्ष्य के जरिए अमेरिका ने अपनी ताकत का प्रदर्शन किया है।
श्रीलंका और इंडोनेशिया के बीच दबोचा गया टैंकर
जहाजों की आवाजाही पर नजर रखने वाले डेटा से पता चला कि ‘मैजेस्टिक X’ हिंद महासागर के बीचों-बीच था। यह स्थान श्रीलंका और इंडोनेशिया के समुद्री क्षेत्र के मध्य स्थित है। दिलचस्प बात यह है कि इसी क्षेत्र में पहले अमेरिकी सेना ने तेल टैंकर ‘टिफनी’ को भी पकड़ा था। लगातार हो रही इन कार्रवाइयों से यह साफ है कि अमेरिका ने हिंद महासागर में तस्करी रोकने के लिए अपनी घेराबंदी अब और अधिक मजबूत कर ली है।
