Himachal News: हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर सियासत गरमा गई है। भाजपा ने महिला जन आक्रोश पदयात्रा के जरिए कांग्रेस और विपक्षी गठबंधन ‘इंडी’ पर जोरदार हमला बोला। चौड़ा मैदान में आयोजित इस कार्यक्रम में भाजपा के शीर्ष नेतृत्व ने महिला नेत्रियों को मंच सौंपकर खुद कार्यकर्ताओं के बीच बैठकर एकजुटता दिखाई। भाजपा का आरोप है कि विपक्षी दलों ने संसद में महिला आरक्षण कानून का रास्ता रोककर देश की करोड़ों महिलाओं के साथ विश्वासघात किया है।
जयराम ठाकुर और डॉ. बिंदल का कांग्रेस पर तीखा प्रहार
नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने पदयात्रा को संबोधित करते हुए कहा कि नारी शक्ति अपना अपमान अब और नहीं सहेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस का असली चेहरा अब जनता के सामने उजागर हो गया है। आने वाले समय में महिलाएं लोकतांत्रिक तरीके से इस अपमान का जवाब देंगी। वहीं, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने कहा कि कांग्रेस ने विधेयक को गिराकर 70 करोड़ महिलाओं के अधिकारों को कुचला है। भाजपा का मानना है कि महिलाएं अब अपने हक के लिए जाग चुकी हैं।
बसों को रोकने और आवाज दबाने का लगा गंभीर आरोप
भाजपा विधायक रीना कश्यप ने प्रदेश सरकार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पदयात्रा की सफलता से घबराकर प्रशासन ने महिलाओं की बसों को रास्ते में रोका। सोलन से आने वाली बसों को घंटों बाईपास रास्तों पर रोककर महिलाओं को परेशान किया गया। रीना कश्यप के मुताबिक, यह केवल ट्रैफिक प्रबंधन का मामला नहीं है। यह असल में महिलाओं की आवाज को दबाने और उनके संवैधानिक अधिकारों को कुचलने की एक सोची-समझी सरकारी साजिश है।
विधेयक गिरना लोकतंत्र के लिए ‘काला दिन’
भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष डेजी ठाकुर ने संसद की घटना को लोकतंत्र के इतिहास का काला अध्याय बताया। उन्होंने कहा कि महिला आरक्षण विधेयक का पारित न होना बेहद दुखद है। भाजपा प्रदेश महामंत्री पायल वैद्य ने कांग्रेस पर ‘दोहरे चरित्र’ का आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस केवल नारे देना जानती है। जब धरातल पर अधिकार देने की बात आई, तो कांग्रेस और उसके सहयोगियों ने पीछे हटकर अपनी असली मानसिकता दिखा दी।
विपक्षी गठबंधन के दलों को भाजपा ने घेरा
भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष रश्मिधर सूद ने विपक्षी एकजुटता पर निशाना साधते हुए कहा कि सपा और टीएमसी जैसे दल अब पूरी तरह बेनकाब हो चुके हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इन दलों ने महिलाओं की सामाजिक और राजनीतिक भागीदारी की लड़ाई में साथ नहीं दिया। भाजपा का दावा है कि इस पदयात्रा ने प्रदेश में एक नई राजनीतिक चेतना पैदा की है। अब यह मुद्दा गलियों और गांवों तक पहुंचेगा। महिलाओं की यह नाराजगी आगामी चुनावों में निर्णायक भूमिका निभा सकती है।
