New Delhi News: अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत के खिलाफ बहुत अपमानजनक भाषा का उपयोग किया है। ट्रंप ने भारत को ‘हेलहोल’ यानी नरक जैसी जगह बताया। इस भड़काऊ बयान पर भारत सरकार ने तुरंत बहुत सख्त प्रतिक्रिया दी है। विदेश मंत्रालय ने कूटनीतिक मर्यादाओं का हवाला देकर इसे पूरी तरह खारिज किया है। भारत ने इस बेतुके बयान का करारा जवाब केवल तीन शब्दों में दिया है।
विदेश मंत्रालय ने तीन शब्दों में दिया करारा जवाब
विदेश मंत्रालय ने इस पूरे मामले में भारत का आधिकारिक रुख बिल्कुल स्पष्ट कर दिया है। मंत्रालय ने ट्रंप के बयान को कूटनीतिक मर्यादा के एकदम खिलाफ माना है। भारत ने ट्रंप की टिप्पणी को अज्ञानपूर्ण, अनुचित और अशोभनीय करार दिया है। अंतरराष्ट्रीय कूटनीति की भाषा में इन तीन शब्दों को बहुत ही ज्यादा कड़ा माना जाता है। भारत ने साफ संदेश दिया है कि वह ऐसी आधारहीन बयानबाजी को बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं करेगा।
अमेरिकी दूतावास को करनी पड़ी डैमेज कंट्रोल की कोशिश
इस भड़काऊ बयान के बाद विवाद बहुत तेजी से बढ़ने लगा था। इसके तुरंत बाद भारत में मौजूद अमेरिकी दूतावास को सफाई देने के लिए आगे आना पड़ा। दूतावास ने डैमेज कंट्रोल करते हुए दोनों देशों के मजबूत संबंधों का हवाला दिया। भारत ने इस सफाई पर भी अपनी तीखी प्रतिक्रिया दी है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि उन्होंने ट्रंप की टिप्पणी और दूतावास की सफाई दोनों को देखा है। यह बयान दिखाता है कि भारत नाराज है।
जमीनी हकीकत से बिल्कुल कटे हुए हैं डोनाल्ड ट्रंप
भारत सरकार ने साफ कर दिया है कि ऐसी भाषा का इस्तेमाल देश की बढ़ती ताकत का अपमान है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि ट्रंप के बयान का सच्चाई से कोई लेना-देना नहीं है। आज के समय में भारत और अमेरिका के बीच एक बहुत बड़ी और मजबूत रणनीतिक साझेदारी है। दोनों देश रक्षा, अंतरिक्ष, व्यापार और नई तकनीक के क्षेत्र में बड़े साझेदार हैं। भारत के खिलाफ ऐसे घटिया शब्दों का उपयोग ट्रंप की अज्ञानता दिखाता है।
आपसी सम्मान पर टिका है भारत और अमेरिका का रिश्ता
विदेश मंत्रालय ने दोनों देशों के रिश्तों की मजबूत नींव को दुनिया के सामने रखा। मंत्रालय ने बताया कि भारत और अमेरिका के संबंध आपसी सम्मान पर आधारित हैं। दोनों देश पूरी दुनिया में सबसे बड़े और पुराने लोकतंत्र के रूप में जाने जाते हैं। हिंद-प्रशांत क्षेत्र को स्वतंत्र और सुरक्षित बनाए रखने के लिए दोनों देश साथ काम कर रहे हैं। इसके अलावा क्वाड जैसे बड़े अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी दोनों देश हमेशा कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हैं।
