Himachal News: हिमाचल प्रदेश पुलिस ने विद्यार्थियों की सुरक्षा के लिए सख्त कदम उठाया है। अधिकारियों को अब कागजी आदेशों से राहत नहीं मिलेगी। थाना प्रभारियों को छुट्टी के समय स्कूल के बाहर अपनी मौजूदगी साबित करनी होगी। सभी प्रभारियों को मौके पर पहुंचकर अपनी एक सेल्फी लेनी होगी। इस सेल्फी को पुलिस के आधिकारिक ग्रुप में भेजना अब पूरी तरह अनिवार्य है। हवा-हवाई बातों की जगह पुलिस को जमीनी स्तर पर काम दिखाना पड़ेगा।
संजौली में छात्रा पर हुए जानलेवा हमले के बाद जागा प्रशासन
पुलिस विभाग ने यह फैसला शिमला के संजौली इलाके में हुई एक खौफनाक घटना के बाद लिया है। कुछ दिन पहले एक मासूम छात्रा अपने स्कूल से घर लौट रही थी। उसी समय रास्ते में असामाजिक तत्वों ने उस पर पत्थरों से जानलेवा हमला कर दिया था। इस भयानक हमले में छात्रा बहुत गंभीर रूप से घायल हो गई थी। इस घटना से पूरे जिले के लोगों में भारी गुस्सा पैदा हो गया था।
संवेदनशील इलाकों में कड़ी गश्त और मनचलों पर रखी जाएगी पैनी नजर
पुलिस अधिकारियों को संवेदनशील इलाकों में हर दिन कड़ी गश्त करने के सख्त निर्देश मिले हैं। पुलिस विभाग विशेष रूप से उन इलाकों की पहचान कर रहा है, जहां विद्यार्थियों की आवाजाही सबसे अधिक होती है। उन जगहों को भी चुना गया है जहां पहले ऐसी आपराधिक घटनाएं हो चुकी हैं। इन स्थानों पर पुलिस की मौजूदगी असामाजिक तत्वों को अपराध करने से आसानी से रोकेगी। पुलिस अधीक्षक गौरव सिंह ने सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने का भरोसा दिया है।
गश्त की रोजाना देनी होगी रिपोर्ट, लापरवाही बरतने पर होगा कड़ा एक्शन
पुलिस ने इस अभियान को असरदार बनाने के लिए निगरानी प्रणाली मजबूत की है। थाना प्रभारियों को हर दिन गश्त की विस्तृत रिपोर्ट बड़े अधिकारियों को अनिवार्य रूप से भेजनी होगी। मौके से भेजी गई सेल्फी ही फील्ड में उनकी असल मौजूदगी का बड़ा प्रमाण मानी जाएगी। ड्यूटी में थोड़ी भी लापरवाही करने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त विभागीय कार्रवाई जरूर होगी। शिमला पुलिस की इस शानदार पहल का सभी अभिभावकों ने खुले दिल से स्वागत किया है।
