Himachal News: पहाड़ों की रानी शिमला को जल्द ही तारों के मकड़जाल से पूरी तरह आजादी मिलेगी। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं। उन्होंने शहर में चल रहे यूटिलिटी डक्ट निर्माण कार्य में तेजी लाने को कहा है। सरकार इस पूरी परियोजना पर एक सौ पैंतालीस करोड़ रुपए खर्च कर रही है। इस योजना से शहर की तारों और पाइपलाइनों को पूरी तरह भूमिगत किया जाएगा।
सीएम सुक्खू ने अधिकारियों को दिया काम का अल्टीमेटम
मुख्यमंत्री सुक्खू हाल ही में माता वैष्णो देवी के दर्शन करके शिमला वापस लौटे हैं। लौटते ही उन्होंने लोक निर्माण विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक अहम बैठक की। मुख्यमंत्री ने यूटिलिटी डक्ट के ऊपर तारकोल बिछाने का काम जल्द पूरा करने का अल्टीमेटम दिया है। उन्होंने शिमला क्लब तक दस मई और लिफ्ट तक पंद्रह जून की डेडलाइन तय की है। सीएम ने हर हाल में तय समय के भीतर काम खत्म करने के स्पष्ट निर्देश दिए हैं।
शहर में 145 करोड़ रुपए से बिछ रहा यूटिलिटी डक्ट
शिमला शहर को सुंदर बनाने के लिए सात किलोमीटर लंबे यूटिलिटी डक्ट का निर्माण किया जा रहा है। यह डक्ट छोटा शिमला से लेकर विलीज पार्क तक बनाया जाएगा। इसका रूट सचिवालय और लोक भवन से होते हुए ओकओवर तक तय किया गया है। दूसरा हिस्सा शेर-ए-पंजाब से लोअर बाजार होते हुए सीटीओ और विलीज पार्क तक जाएगा। इस पूरी परियोजना पर करीब एक सौ पैंतालीस करोड़ रुपए का बड़ा बजट खर्च किया जा रहा है।
पर्यटकों को मिलेगा तारों के जाल से मुक्त सुंदर शहर
मुख्यमंत्री ने कहा कि शिमला देश का एक प्रमुख पर्यटन स्थल है। यहां हर साल लाखों की संख्या में सैलानी घूमने आते हैं। पर्यटकों को बेहतर अनुभव देने के लिए शहर को तारों के जाल से मुक्त करना बहुत जरूरी है। इन आधुनिक डक्ट्स में बिजली और पानी की लाइनों को सुरक्षित तरीके से अंडरग्राउंड किया जाएगा। इससे पहाड़ों की रानी शिमला की प्राकृतिक सुंदरता में और ज्यादा निखार आएगा।
बैठक में प्रदेश की वित्तीय स्थिति पर भी हुई चर्चा
लोक निर्माण विभाग के साथ हुई इस अहम बैठक में कई बड़े अधिकारी मौजूद रहे। उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान के अलावा मुख्यमंत्री के सचिव भी इसमें खास तौर पर शामिल हुए। इसके साथ ही लोक निर्माण विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी इस बैठक में मौजूद रहे। इस दौरान मुख्यमंत्री ने वित्त विभाग के अधिकारियों के साथ भी एक अलग बैठक की। इसमें उन्होंने हिमाचल प्रदेश के मौजूदा वित्तीय हालात और विकास योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की।
