Himachal News: विदेश में पढ़ाई करने का सपना एक युवक के लिए भयानक दुःस्वप्न बन गया है। जालसाजों ने स्टडी वीजा दिलाने का झांसा देकर उससे बीस लाख रुपये से अधिक की ठगी कर ली। आरोपियों की हिम्मत देखिए कि उन्होंने पीड़ित के फर्जी दस्तावेज बनाए और उसके नाम पर बैंक से लोन लेकर कार भी खरीद ली। पुलिस ने इस सनसनीखेज धोखाधड़ी मामले में केस दर्ज करके अपनी गहन जांच शुरू कर दी है।
स्टडी वीजा के नाम पर बीस लाख की धोखाधड़ी
यह पूरा मामला हमीरपुर जिले के ढटवाल निवासी चौबीस वर्षीय निशांत ठाकुर से जुड़ा है। पुलिस को दी गई शिकायत में निशांत ने बताया कि अभिषेक कुमार और अधिवक्ता मनीष शर्मा ने उसे विदेश भेजने का सुनहरा सपना दिखाया था। वह उनके झांसे में आ गया और अपना भविष्य संवारने के लिए उन्हें कुल बीस लाख इकतालीस हजार तीन सौ चौंसठ रुपये दे दिए। पीड़ित ने यह भारी भरकम रकम नकद और ऑनलाइन ट्रांसफर के जरिए दी थी।
फर्जी दस्तावेजों से बैंक लोन लेकर खरीदी नई गाड़ी
इतनी बड़ी रकम ऐंठने के बाद भी ठगों का लालच बिल्कुल कम नहीं हुआ। उन्होंने निशांत को न तो कोई वीजा दिया और न ही उसके पैसे वापस लौटाए। आरोपियों ने चालाकी से युवक की जानकारी के बिना उसके नाम पर कई फर्जी दस्तावेज तैयार कर लिए। इन जाली कागजातों का इस्तेमाल करके जालसाजों ने बैंक से भारी लोन पास करवा लिया। शातिर ठगों ने उस लोन के पैसों से अपने लिए एक नई शानदार गाड़ी खरीद ली।
पुलिस ने केस दर्ज कर जालसाजों की तलाश की तेज
आरोपियों ने धोखाधड़ी की सारी हदें पार करते हुए पीड़ित के बैंक खाते का भी अपने निजी स्वार्थ के लिए जमकर दुरुपयोग किया। घुमारवीं पुलिस ने इस गंभीर शिकायत पर तुरंत एक्शन लिया है। डीएसपी विशाल वर्मा ने इस हैरान करने वाले मामले की पुष्टि की है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी सहित कई गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज कर ली है। अब इस पूरे नेटवर्क और फर्जीवाड़े की गहराई से तहकीकात की जा रही है।
