Himachal News: हिमाचल प्रदेश के चुराह से विधायक डॉक्टर हंसराज से जुड़े चर्चित पोक्सो मामले में एक बड़ा अपडेट सामने आया है। चंबा के जिला एवं सत्र न्यायालय में वीरवार को इस संवेदनशील मामले की अहम सुनवाई हुई। इस दौरान विधायक हंसराज और पीड़ित लड़की दोनों अदालत में मौजूद रहे। अचानक पीड़िता की तबीयत काफी ज्यादा खराब हो गई। इसके कारण वह अदालत में अपना बयान दर्ज नहीं करवा सकी। कोर्ट ने अब सुनवाई की नई तारीख दे दी है।
20 मई को होगी मामले की अगली अहम सुनवाई
अदालत में पीड़िता ने अपनी खराब सेहत का हवाला दिया। उसने जज से अपना बयान दर्ज करवाने के लिए थोड़ा अतिरिक्त समय मांगा। अदालत ने पीड़िता के इस अनुरोध को तुरंत स्वीकार कर लिया। अब इस मामले की अगली सुनवाई के लिए बीस मई की तारीख तय की गई है। अदालत ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि अगली तारीख पर पीड़िता को अनिवार्य रूप से उपस्थित होना होगा। उस दिन हर हाल में पीड़िता के बयान दर्ज किए जाएंगे।
विधायक पर लगा था नाबालिग से यौन शोषण का आरोप
चुराह विधानसभा क्षेत्र की एक युवती ने विधायक पर गंभीर आरोप लगाए थे। लड़की का कहना था कि नाबालिग अवस्था में उसे बहला-फुसलाकर उसका यौन शोषण किया गया था। इस शिकायत के बाद चंबा के महिला पुलिस थाने में पोक्सो अधिनियम और अन्य सख्त धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज हुई थी। पुलिस ने गंभीरता से जांच करते हुए तय समय सीमा के भीतर कोर्ट में चालान पेश किया था। यह मामला पूरे राज्य में काफी चर्चित रहा है।
मार्च में तय हुए थे आरोप, जमानत पर हैं विधायक
मामला दर्ज होने के बाद विधायक हंसराज ने गिरफ्तारी से बचने के लिए कोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका लगाई थी। अदालत ने उन्हें पहले अंतरिम राहत दी और बाद में नियमित जमानत दे दी थी। इसी साल पांच मार्च को अदालत ने विधायक के खिलाफ सभी आरोप तय कर दिए थे। अब इस केस में नियमित रूप से सुनवाई चल रही है। अदालत में पीड़िता के बयान केस की दिशा तय करने में बेहद अहम भूमिका निभाएंगे।
अभियोजन और बचाव पक्ष दोनों कर रहे अपनी तैयारी
अगली सुनवाई पर अभियोजन पक्ष की तरफ से कुछ अन्य गवाहों के बयान भी दर्ज किए जा सकते हैं। दूसरी तरफ बचाव पक्ष भी अपने मुवक्किल को बचाने के लिए पूरी तरह से तैयार है। बचाव पक्ष अपनी रणनीति के अनुसार गवाहों से जिरह करने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाएगा। फिलहाल सबकी नजरें बीस मई को होने वाली अहम सुनवाई पर टिकी हुई हैं। उस दिन अदालत में होने वाली बहस इस हाई प्रोफाइल केस का भविष्य तय करेगी।
