Himachal News: हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में आम जनता को सरकार ने एक बड़ा झटका दिया है। प्रदेश के सबसे बड़े मातृ एवं शिशु अस्पताल कमला नेहरू में अब इलाज करवाना काफी महंगा हो गया है। अस्पताल प्रशासन ने मरीजों के लिए नई दरें लागू कर दी हैं। इन नई दरों में भारी बढ़ोतरी की गई है जिससे मरीजों की जेब पर सीधा असर पड़ेगा। यह नया नियम आठ अप्रैल से ही पूरे अस्पताल में प्रभावी कर दिया गया है।
बेहोश करने की फीस में हुई भारी बढ़ोतरी
आदेश के अनुसार अब मरीजों को पंजीकरण के समय दस रुपये का परामर्श शुल्क देना होगा। सबसे बड़ी बढ़ोतरी ऑपरेशन से पहले मरीज को बेहोश करने की प्रक्रिया में हुई है। पहले इस सुविधा के लिए मरीजों से केवल ढाई सौ रुपये लिए जाते थे। अब इस फीस को बढ़ाकर पांच सौ रुपये कर दिया गया है। अस्पताल के विभिन्न वार्डों और कमरों के लिए भी नई दरें तय कर दी गई हैं।
इन अहम स्वास्थ्य सुविधाओं पर पड़ा सीधा असर
अस्पताल प्रशासन ने नई दरों का उद्देश्य स्वास्थ्य सेवाओं को सुव्यवस्थित करना बताया है। सभी विभागों को इन नए आदेशों का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए गए हैं। इस फैसले से निम्नलिखित प्रमुख सुविधाओं पर सीधा असर पड़ा है:
- मरीजों के बिस्तर और रोटी के दाम बढ़े।
- अल्ट्रासाउंड और ईसीजी टेस्ट महंगे हुए।
- मेजर और माइनर ऑपरेशन के शुल्क में वृद्धि।
- आईसीयू की फीस में भारी बढ़ोतरी।
- मेडिकल फिटनेस सर्टिफिकेट बनवाना भी महंगा हुआ।
जयराम ठाकुर ने सुक्खू सरकार पर साधा निशाना
कमला नेहरू अस्पताल में दाम बढ़ने पर सूबे में सियासत भी गरमा गई है। पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने सुक्खू सरकार की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने कहा कि सरकार ने मनमाने तरीके से दाम बढ़ाकर पूरे प्रदेश में तांडव मचा दिया है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि ‘सुख की सरकार’ के नाम पर असल में ‘शुल्क की सरकार’ चलाई जा रही है। वहीं, गायनी ओपीडी को आईजीएमसी में शिफ्ट करने के फैसले पर भी विवाद जारी है।
