Gorakhpur News: राज्य कर विभाग और पुलिस ने बड़ी कर चोरी का पर्दाफाश किया है। एक बोगस फर्म के जरिए 10.13 करोड़ रुपये के इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) का अवैध लाभ उठाने के मामले में पुलिस ने दिल्ली निवासी एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। शहजादपुर स्थित राम जानकी मंदिर के पते पर ‘अंसारी ट्रेडर्स’ नाम से यह फर्जी फर्म पंजीकृत थी। इसके मालिक कुशीनगर के निजामुद्दीन अंसारी हैं।
बिना खरीद-बिक्री के दिखाया 5.39 करोड़ का कारोबार
जांच में खुलासा हुआ कि इस व्यापारी ने बिना कोई वास्तविक खरीद या बिक्री किए ही भारी-भरकम टर्नओवर दिखा दिया। गत वर्ष जुलाई में फर्म ने 2.04 करोड़ रुपये की बिक्री दिखाते हुए 18.44 लाख रुपये का जीएसटी ट्रांसफर किया। अगस्त में 3.34 करोड़ की बिक्री दिखाकर 30.14 लाख रुपये का आईटीसी हस्तांतरित किया गया। कुल मिलाकर अब तक 10.13 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी पाई गई है।
फर्म अस्तित्व में ही नहीं, किरायानामा कूटरचित
जांच टीम जब पंजीकरण पते पर पहुंची तो वहां कोई फर्म मौजूद नहीं थी। फर्म के पंजीकरण में लगाया गया किरायानामा भी पूरी तरह से कूटरचित पाया गया। ऑनलाइन पंजीकरण फॉर्म में दर्ज मोबाइल नंबर भी काम नहीं कर रहा था। गत वर्ष सितंबर में विभाग ने इस फर्म को सस्पेंड कर दिया था। राज्यकर अधिकारी विनोद कुमार ने फर्म के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। यह पूरा खेल सिर्फ राजस्व को नुकसान पहुंचाने की नीयत से किया गया था।
दिल्ली के विनोद कुमार को पुलिस ने दबोचा
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी विनोद कुमार ने अंसारी ट्रेडर्स से सामान की खरीद दिखाकर अनुचित लाभ उठाया था। वह दिल्ली के बलजीत नगर स्थित पंजाबी बस्ती का रहने वाला है। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। कोतवाल श्रीनिवास पांडेय ने बताया कि यह धोखाधड़ी का मामला है। पूछताछ के बाद आरोपी को चालान कर दिया गया है। विभाग का कहना है कि इस तरह के फर्जीवाड़े के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी।
