Delhi News: आनंद विहार रेलवे स्टेशन के आसपास लगने वाले भीषण जाम से निजात दिलाने के लिए बड़ी योजना बनाई जा रही है। योजना के तहत रेलवे स्टेशन के नीचे अंडरपास बनाने की संभावना तलाशी जाएगी। इससे कड़कड़डूमा क्षेत्र सीधे स्टेशन से जुड़ जाएगा। वहीं, कौशांबी की ओर से आने वाले यात्रियों के लिए एक नया फुट ओवरब्रिज (एफओबी) बनेगा। इस एफओबी पर ट्रैवलेटर की सुविधा भी होगी।
एक एफओबी अपर्याप्त, बढ़ती भीड़ को देखते हुए निर्माण की योजना
पीडब्ल्यूडी अधिकारियों के अनुसार, इस इलाके में रेलवे स्टेशन, मेट्रो स्टेशन, बस अड्डा और आरआरटीएस स्टेशन होने से फुटफॉल लगातार बढ़ रहा है। अभी सिर्फ एक एफओबी मौजूद है। यह सभी ट्रांसपोर्ट हब को आपस में जोड़ता है। लेकिन बढ़ती संख्या के चलते यह पुल काफी नहीं है। यूटीपैक गवर्निंग बॉडी की बैठक में एलजी ने नए एफओबी के निर्माण के निर्देश दिए हैं। एमएमआई प्लान के तहत कौशांबी बस स्टैंड से यह नया एफओबी बनाया जाएगा।
ट्रैवलेटर की सुविधा से होगी यात्रियों की मदद
नए फुट ओवरब्रिज पर एयरपोर्ट और राजौरी गार्डन मेट्रो स्टेशन की तर्ज पर ट्रैवलेटर लगेंगे। इससे यात्रियों को आरआरटीएस, मेट्रो, बस अड्डे और रेलवे स्टेशन के बीच आवाजाही आसान हो जाएगी। लंबी दूरी तय करने वाले यात्रियों को विशेष राहत मिलेगी। ट्रैवलेटर से समय की बचत होगी और शारीरिक थकान भी कम होगी। यह सुविधा बुजुर्गों और विकलांगों के लिए काफी उपयोगी साबित होगी। अधिकारियों के अनुसार इस परियोजना पर जल्द काम शुरू होगा।
कड़कड़डूमा को सीधे हब से जोड़ने के लिए अंडरपास
बैठक में मौजूद अधिकारियों ने बताया कि कड़कड़डूमा क्षेत्र से आनंद विहार के मल्टी मॉडल ट्रांसपोर्ट हब तक कोई सीधी कनेक्टिविटी नहीं है। इस समस्या के समाधान के लिए आनंद विहार रेलवे स्टेशन के नीचे से अंडरपास बनाने का प्रस्ताव है। रेलवे अधिकारियों ने बताया कि इस योजना को लेकर एनसीआरटीसी के साथ पहले भी चर्चा हो चुकी है। अंडरपास बनने से कड़कड़डूमा के लाखों लोगों को फायदा मिलेगा। वह घंटों के जाम से बच सकेंगे।
संकरी सड़कों और पुरानी कनेक्टिविटी की समस्या
फिलहाल कड़कड़डूमा से आनंद विहार आने के लिए कोई चौड़ी सड़क नहीं है। लोग या तो मास्टर सोमनाथ मार्ग होते हुए गाजीपुर रोड का रुख करते हैं। या फिर स्वामी दयानंद मार्ग के सहारे यहां पहुंचते हैं। रिहायशी कॉलोनियों से स्टेशन तक कई छोटी और संकरी सड़कें हैं। इन पर लगातार जाम की समस्या बनी रहती है। नए अंडरपास और एफओबी से यातायात व्यवस्था में सुधार की उम्मीद है। प्रशासन का दावा है कि इन परियोजनाओं से क्षेत्र के लोगों को बड़ी राहत मिलेगी।
