द ललित होटल पर 1063 करोड़ की बकाया फीस का संकट, हाईकोर्ट ने लाइसेंस खत्म करने के NDMC के फैसले को सही ठहराया

Delhi News: भारत होटल्स लिमिटेड को दिल्ली हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है। कोर्ट ने NDMC की 1063.74 करोड़ रुपये की लाइसेंस फीस की मांग को बहाल कर दिया है। साथ ही ‘होटल द ललित’ का लाइसेंस खत्म करने का NDMC का फैसला भी बरकरार रखा गया है। कोर्ट ने होटल प्रबंधन को 90 दिनों के अंदर पूरी जगह NDMC को सौंपने का आदेश दिया है।

कोर्ट ने सिंगल जज के फैसले को पलटा, क्यों दिया यह अहम फैसला?

दिल्ली हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने सिंगल जज के उस फैसले को पलट दिया, जिसमें NDMC की नोटिसों को रद्द कर दिया गया था। चीफ जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय और जस्टिस तुषार राव गेदेला ने कहा कि नई दिल्ली की जमीन बहुत कीमती प्राकृतिक संसाधन है। कोर्ट ने कहा कि अगर इस जमीन से NDMC को नुकसान हो रहा है, तो उसका बोझ आम टैक्सपेयर्स पर पड़ता है। इसलिए भारत होटल्स को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए।

NDMC की क्या आपत्तियां थीं और कोर्ट ने क्या माना?

NDMC का कहना था कि 1982 के लाइसेंस एग्रीमेंट में भारत होटल्स को सिर्फ सब-लाइसेंस देने का अधिकार था, प्रॉपर्टी बेचने या ट्रांसफर करने का नहीं। 2016 में सब-लाइसेंसियों ने दुकानें और ऑफिस स्पेस बेच दिए। कोर्ट ने इसे लाइसेंस डीड का गंभीर उल्लंघन माना। कोर्ट ने यह भी कहा कि भले ही धारा 48 के तहत अधिकतम फीस 2.90 करोड़ रुपये सालाना तय है, लेकिन L&O दफ्तर 98 करोड़ रुपये ग्राउंड रेंट मांग रहा है। यह अंतर आम जनता पर बोझ डालता है।

1982 से शुरू हुआ था पूरा विवाद, 2020 में NDMC ने जारी की थी नोटिस

साल 1982 में NDMC ने भारत होटल्स को बाराखंबा लेन पर 6.058 एकड़ जमीन 99 साल के लिए लीज पर दी थी। इस पर पांच सितारा होटल और दो कमर्शियल टावर बनाने थे। शुरू में लाइसेंस फीस 1.45 करोड़ रुपये सालाना तय हुई थी। बाद में NDMC ने प्रॉपर्टी वैल्यूएशन के आधार पर फीस बढ़ाकर 98 करोड़ रुपये कर दी। 2020 में NDMC ने कंपनी से 1063.74 करोड़ रुपये बकाया फीस मांगते हुए लाइसेंस खत्म करने का नोटिस जारी कर दिया।

होटल प्रबंधन की दलील कोर्ट ने खारिज कर दी

भारत होटल्स ने कोर्ट में दलील दी थी कि धारा 48 के अनुसार लाइसेंस फीस में बढ़ोतरी पुरानी फीस के 100 प्रतिशत से ज्यादा नहीं हो सकती। यानी 1.45 करोड़ से बढ़कर अधिकतम 2.90 करोड़ रुपये ही हो सकती है। कंपनी ने NDMC की 98 करोड़ की मांग को गलत बताया था। लेकिन दिल्ली हाईकोर्ट ने इस दलील को खारिज करते हुए NDMC के पक्ष में फैसला सुनाया। अब होटल को 90 दिनों में जमीन खाली करनी होगी। इस फैसले से ‘द ललित’ होटल का भविष्य अधर में लटक गया है।

SOURCE: न्यूज एजेंसी
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