Delhi-UP Weather News: भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने दिल्ली, उत्तर प्रदेश और हरियाणा सहित उत्तर भारत के विशाल मैदानी इलाकों के लिए भीषण लू का गंभीर अलर्ट जारी किया है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, 18 अप्रैल से शुरू हुआ गर्मी का यह घातक सिलसिला फिलहाल रुकने वाला नहीं है। अगले दो हफ्तों तक देश के अधिकांश हिस्सों में तापमान सामान्य से काफी ऊपर बना रहेगा। मैदानी राज्यों में चिलचिलाती धूप और गर्म हवाएं जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित करेंगी, जिससे तत्काल राहत मिलने की कोई संभावना नहीं दिख रही है।
भीषण गर्मी और ‘वॉर्म नाइट’ का डबल अटैक
देश के उत्तर-पश्चिमी और मध्य भागों में सूरज के कड़े तेवर बरकरार रहेंगे। राजस्थान, पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में दिन के साथ-साथ रातें भी अब बेचैन करने वाली होंगी। मौसम विभाग ने इन राज्यों के लिए ‘गर्म रातों’ (Warm Nights) की विशेष चेतावनी जारी की है। इसका अर्थ है कि न्यूनतम तापमान भी सामान्य के मुकाबले काफी अधिक दर्ज किया जाएगा। दिल्ली और छत्तीसगढ़ जैसे पड़ोसी राज्यों में भी लू का प्रकोप तेजी से बढ़ेगा, जिससे लोगों को रात के समय भी गर्मी से सुकून नहीं मिल पाएगा।
पूर्वोत्तर भारत में भारी बारिश और तूफान की चेतावनी
मैदानी इलाकों में जहां गर्मी का कहर जारी है, वहीं पूर्वोत्तर भारत के राज्यों में मौसम का मिजाज पूरी तरह अलग रहने वाला है। असम और मेघालय में 25 से 27 अप्रैल के बीच 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है। इन क्षेत्रों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है, जो गर्मी से कुछ राहत दिला सकती है। सिक्किम और पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्सों में भी इसी अवधि के दौरान मानसून जैसी सक्रियता देखने को मिलेगी, जिससे वहां तापमान में गिरावट आएगी।
ओलावृष्टि और पश्चिमी विक्षोभ का नया पूर्वानुमान
आगामी 30 अप्रैल से 6 मई के बीच एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की संभावना है। यह हिमालयी क्षेत्रों को प्रभावित करेगा, जिससे जम्मू-कश्मीर और उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में हल्की बूंदाबांदी हो सकती है। हालांकि, मैदानी राज्यों में इसका प्रभाव केवल शुष्क पश्चिमी हवाओं के रूप में दिखेगा। झारखंड, मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा में 23 से 27 अप्रैल के बीच ओलावृष्टि होने की प्रबल आशंका है। दक्षिण भारत के केरल, कर्नाटक और लक्षद्वीप में भी हल्की से मध्यम बारिश होने की उम्मीद जताई जा रही है।
पिछले सप्ताह के मौसम का विस्तृत विश्लेषण
बीते सप्ताह का डेटा बताता है कि 18 अप्रैल के बाद से ही हरियाणा और ओडिशा जैसे राज्यों में लू की स्थिति भयावह हो गई थी। इस दौरान असम और मेघालय में रिकॉर्ड तोड़ बारिश दर्ज की गई, जिससे वहां बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए थे। उत्तर और मध्य भारत के अधिकांश शहरों में अधिकतम तापमान सामान्य स्तर से 4 डिग्री सेल्सियस तक अधिक रिकॉर्ड किया गया। ओलावृष्टि ने तेलंगाना और कर्नाटक के किसानों की फसलों को भी नुकसान पहुंचाया है, जबकि दिल्ली में पारा लगातार सामान्य से ऊपर बना रहा।
