Delhi News: दिल्ली में अब बिना वैध प्रदूषण जांच प्रमाणपत्र (PUC) के वाहन चलाना नामुमकिन हो जाएगा। सरकार ने सख्ती बढ़ाते हुए ‘नो पीयूसी, नो फ्यूल’ नियम को पूरी तरह से लागू करने का फैसला किया है। अब किसी भी पेट्रोल पंप पर बिना वैलिड पीयूसी सर्टिफिकेट के पेट्रोल, डीजल, सीएनजी या एलपीजी नहीं दी जाएगी। इस कदम का मुख्य उद्देश्य राजधानी के बढ़ते वायु प्रदूषण पर नियंत्रण पाना है।
नियम को सख्ती से लागू करने के आदेश
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि ‘नो पीयूसी, नो फ्यूल’ नियम में किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यह नियम पिछले साल दिसंबर में शुरू हुआ था, लेकिन अब भी कई वाहन बिना प्रमाणपत्र के चल रहे हैं। सरकार का मानना है कि ऐसे वाहन प्रदूषण को और बढ़ा रहे हैं। नए आदेश के तहत सभी पेट्रोल पंप और गैस स्टेशन केवल वैध PUC वाले वाहनों को ही ईंधन देंगे।
पेट्रोल पंपों पर लगने लगी लंबी कतारें
नियम सख्त होते ही दिल्ली के कई पेट्रोल पंपों पर वाहनों की लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं। जिन वाहनों के पास PUC नहीं है, उन्हें ईंधन देने से मना किया जा रहा है। इससे पंपों पर भीड़ बढ़ गई है। हालांकि, सरकार ने इस स्थिति से निपटने के लिए पहले से तैयारी कर रखी है। प्रशासन का दावा है कि किसी भी तरह की असुविधा को तुरंत दूर किया जाएगा। वाहन मालिकों को सलाह दी गई है कि वे पहले से ही अपना PUC प्रमाणपत्र बनवा लें।
चार विभागों को मिली जिम्मेदारी
इस नियम को प्रभावी ढंग से लागू कराने के लिए चार अहम विभागों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। फूड एंड सप्लाई विभाग, ट्रांसपोर्ट विभाग, नगर निगम और दिल्ली ट्रैफिक पुलिस मिलकर इस पर काम करेंगे। मुख्यमंत्री ने साफ चेतावनी दी है कि नियम के पालन में लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। नियम तोड़ने वालों के खिलाफ वाहन जब्त करने और भारी जुर्माना लगाने जैसी कार्रवाई की जाएगी। सभी एजेंसियों को नियम का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने को कहा गया है।
CM रेखा गुप्ता ने क्या कहा?
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि प्रदूषण नियंत्रण के लिए उनकी सरकार ने यह सख्त निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि बिना वैध PUC प्रमाणपत्र वाले किसी भी वाहन को दिल्ली में ईंधन नहीं मिलेगा। सभी पेट्रोल पंपों और एजेंसियों को निर्देश जारी कर दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि वायु प्रदूषण की चुनौती से निपटने के लिए कड़े और प्रभावी कदम उठाना समय की आवश्यकता है। सरकार इस दिशा में लगातार काम कर रही है और किसी को ढिलाई की इजाजत नहीं दी जाएगी।
