Delhi News: वर्क-लाइफ बैलेंस मांगना अब कर्मचारियों के लिए जरूरी हो गया है। लेकिन क्या यह मांग गलत है? दिल्ली की एक महिला के साथ हुआ ताजा मामला सोशल मीडिया पर वायरल है। उन्होंने सिर्फ शनिवार को वर्क फ्रॉम होम (WFH) की बात कही थी। इसके बाद HR ने उनका इंटरव्यू बीच में ही रोक दिया। इस घटना ने कॉर्पोरेट कल्चर पर नई बहस छेड़ दी है।
क्या है पूरा मामला? यहां समझें
दिल्ली की रहने वाली @uditavibes ने एक वीडियो में अपना दर्द बयां किया है। उन्होंने बताया कि एक कंपनी के HR से बातचीत के दौरान अचानक कॉल खत्म हो गई। शुरू में HR ने बताया कि नौकरी में हफ्ते में 6 दिन काम करना होगा। सिर्फ रविवार की छुट्टी मिलेगी। उदीता ने यह शर्त मान ली, लेकिन उन्होंने एक छोटा सा सवाल पूछ दिया।
WFH की मांग पर HR ने क्या जवाब दिया?
उदीता ने पूछा कि क्या शनिवार को वर्क फ्रॉम होम किया जा सकता है। उन्होंने साफ कहा कि वह पूरा काम करेंगी, लेकिन घर से करना चाहती हैं। इस पर HR ने जवाब दिया, ‘हमें CEO लेवल एटीट्यूड वाले कैंडिडेट चाहिए।’ उदीता ने तुरंत पलटकर पूछा, ‘क्या कंपनी CEO लेवल की पोस्ट के लिए हायर कर रही है?’ उनके अनुसार, इस सवाल के बाद HR ने बिना कुछ कहे कॉल काट दी।
महिला ने उठाए ये गंभीर सवाल
अपने वायरल वीडियो में उदीता ने सवाल किया कि ओवरवर्क को गौरव की बात कब से माना जाने लगा? उन्होंने कहा कि एक कर्मचारी अगर थोड़ा वर्क-लाइफ बैलेंस चाहता है तो इसमें गलत क्या है? उनका मानना है कि कंपनियों को कर्मचारियों की जरूरतों को समझना चाहिए। केवल काम के घंटे बढ़ाने से उत्पादकता नहीं बढ़ती। इस वीडियो ने कई युवाओं की पीड़ा को आवाज दी है।
सोशल मीडिया पर क्या बोले लोग?
यह वीडियो तेजी से वायरल हो गया और लाखों लोगों ने इसे देखा। कई यूजर्स ने HR के रवैये पर हैरानी जताई। एक यूजर ने लिखा, ‘CEO लेवल एटीट्यूड चाहिए तो CEO लेवल सैलरी भी दो।’ कई लोगों ने उदीता का समर्थन करते हुए कहा कि वर्क-लाइफ बैलेंस मांगना कोई गलत बात नहीं है। वहीं, कुछ लोगों ने यह भी कहा कि 6 दिन काम करना पुरानी सोच है। यह मामला कॉर्पोरेट इंडिया के लिए एक चेतावनी है।
