Madhya Pradesh News: मध्य प्रदेश सरकार ने किसानों के लिए एक बहुत ऐतिहासिक फैसला लिया है। अब राज्य में सरकारी परियोजनाओं के लिए अधिग्रहित कृषि भूमि पर किसानों को बाजार दर से चार गुना अधिक मुआवजा मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कैबिनेट बैठक में इस प्रस्ताव को अपनी मंजूरी दे दी है। इस निर्णय से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बहुत भारी लाभ मिलेगा। सरकार किसानों को राज्य की विकास प्रक्रिया में सीधा भागीदार बना रही है।
मल्टीप्लीकेशन फैक्टर बढ़ने से तेजी से पूरे होंगे विकास कार्य
राज्य सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में मल्टीप्लीकेशन फैक्टर एक से बढ़ाकर दो कर दिया है। इस बदलाव से किसानों को बाजार मूल्य का चार गुना मुआवजा मिलेगा। मुख्यमंत्री ने बताया कि इस फैसले से सिंचाई परियोजनाओं, सड़क, रेलवे और बांध निर्माण कार्यों में तेजी आएगी। विकास कार्यों के लिए जमीन का अधिग्रहण बहुत आसानी से होगा। जमीन देने वाले ग्रामीण किसान परिवारों की आर्थिक स्थिति में भी तेजी से सुधार होगा।
किसानों को हर साल बांटे जाएंगे 20 हजार करोड़ रुपये
मध्य प्रदेश तेजी से मेट्रोपोलिटन सिटी की तर्ज पर आगे बढ़ रहा है। इसलिए राज्य में बड़े स्तर पर भू-अर्जन की आवश्यकता पड़ेगी। सरकार ने पिछले तीन वर्षों में पचपन हजार किसानों को सोलह हजार करोड़ रुपये का मुआवजा बांटा है। सालाना आधार पर पहले राज्य के किसानों को पांच हजार करोड़ रुपये मिलते थे। अब इस नई बढ़ोतरी के बाद हर साल किसानों को बीस हजार करोड़ रुपये का भारी मुआवजा मिलेगा।
गेहूं खरीद पर बोनस और किसानों के हित में बड़ा कदम
कृषक कल्याण वर्ष में किसानों के हित में लगातार काम हो रहा है। वैश्विक स्तर पर गेहूं का निर्यात घटने के बावजूद राज्य सरकार पूरी तरह किसानों के साथ खड़ी है। मध्य प्रदेश सरकार छोटे और बड़े सभी किसानों से गेहूं खरीद रही है। किसानों को उनकी गेहूं की फसल पर अतिरिक्त बोनस भी दिया जा रहा है। राज्य सरकार ने केंद्र से अठहत्तर लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदने का जरूरी अनुरोध किया है।
लाड़ली बहनों की राशि बढ़ी, बंद नहीं होगी कोई भी योजना
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सरकारी योजनाओं को लेकर अहम ऐलान किए हैं। सरकार नारी सशक्तिकरण पर जोर दे रही है। मुख्य बातें:
- लाड़ली बहना योजना की सम्मान राशि में इजाफा किया गया है।
- किसी भी योजना के बंद होने की अफवाहों को खारिज किया गया है।
- इस वर्ष सवा चार लाख करोड़ रुपये का भारी बजट पेश हुआ है।
नीति आयोग के अनुसार बेहतर वित्तीय प्रबंधन के साथ विकास कार्य होंगे।
