IIT दिल्ली से पासआउट, डांस में गोल्ड, UPSC की तैयारी… जानिए कैसी थी वो होनहार बेटी जिसे राहुल ने छीन लिया

Delhi News: दक्षिणी दिल्ली के कैलाश हिल्स में रहने वाली 22 वर्षीय छात्रा का सपना उसके पिता की तरह एक बड़ी अफसर बनने का था। पढ़ाई में हमेशा अव्वल रही इस बेटी ने आरके पुरम के डीपीएस स्कूल से बारहवीं पास की थी। इसके बाद उसने देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक जेईई एडवांस्ड को क्रैक किया और आईआईटी दिल्ली में दाखिला लिया। वह यहां से इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी कर चुकी थी। लेकिन उसकी प्रतिभा सिर्फ किताबों तक सीमित नहीं थी बल्कि नृत्य में भी वह निपुण थी।

नृत्य में थी पारंगत, जीते कई पुरस्कार

पड़ोसियों के अनुसार मृतक छात्रा को बचपन से ही नृत्य का बेहद शौक था। वह इंजीनियरिंग की पढ़ाई के दौरान भी अपने इस जुनून को जिंदा रखे हुए थी। कठिन विषयों की पढ़ाई के बीच वह नियमित रूप से डांस की प्रैक्टिस करती थी। उसने राज्य और राष्ट्रीय स्तर की कई नृत्य प्रतियोगिताओं में भाग लिया था। अपनी कला के बल पर उसने कई पुरस्कार और मेडल भी जीते थे। पड़ोसियों का कहना है कि वह एक प्रतिभाशाली और अनुशासित लड़की थी जो हर क्षेत्र में उत्कृष्टता हासिल करना चाहती थी।

पिता के नक्शे कदम पर चलने का था सपना

परिवार के एक करीबी सूत्र ने बताया कि छात्रा अपने पिता को अपना आदर्श मानती थी। उसके पिता एक वरिष्ठ आईआरएस अधिकारी हैं। बेटी भी बचपन से ही पिता की तरह बड़ी अफसर बनकर देश की सेवा करना चाहती थी। यही कारण था कि आईआईटी से इंजीनियरिंग पूरी करने के तुरंत बाद उसने अपना रुख यूपीएससी की तैयारी की ओर मोड़ दिया। पिछले करीब एक साल से वह बेहद मनोयोग से सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी में लगी हुई थी। उसका एकमात्र लक्ष्य आईएएस अधिकारी बनना था।

24 मई को होनी थी प्रारंभिक परीक्षा

यूपीएससी की प्रारंभिक परीक्षा की तारीख 24 मई निर्धारित थी। ऐसे में छात्रा अपनी तैयारी के अंतिम चरण में थी। पड़ोसियों ने बताया कि पिछले कुछ हफ्तों से वह पूरी तरह पढ़ाई में डूबी हुई थी। वह घर से बाहर बहुत कम निकलती थी और उसका ज्यादातर समय किताबों के बीच ही बीतता था। उसके लिए घर की तीसरी मंजिल के ऊपर एक अलग स्टडी रूम बनाया गया था। ताकि उसे पढ़ाई के दौरान किसी भी तरह की कोई बाधा न हो। वह अपने लक्ष्य के बेहद करीब पहुंच चुकी थी।

स्टडी रूम में रहती थी व्यस्त

परिवार ने बेटी की पढ़ाई की सुविधा के लिए विशेष इंतजाम कर रखे थे। घर के ऊपरी हिस्से में बने उसके स्टडी रूम में पूरी शांति रहती थी। वह सुबह से देर रात तक वहीं बैठकर यूपीएससी की तैयारी करती थी। उसकी दिनचर्या बहुत व्यवस्थित थी और वह सोशल मीडिया से भी दूर रहती थी। उसके पड़ोसियों का कहना है कि उसे पूरा यकीन था कि वह इस बार की परीक्षा अवश्य पास कर लेगी। लेकिन नियति ने उसके साथ बहुत बड़ा धोखा किया।

होनहार बेटी को खोने का गम

इस घटना ने न केवल परिवार बल्कि पूरे मोहल्ले को स्तब्ध कर दिया है। जिस बेटी से पूरे खानदान को बड़ी उम्मीदें थीं, वह एक हैवानियत की भेंट चढ़ गई। आरोपी राहुल मीणा ने महज एक पल में उसके सारे सपनों को कुचल कर रख दिया। परिवार के करीबियों के अनुसार माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल है। एक पूरा परिवार एक झटके में उजड़ गया। पड़ोसी भी इस घटना को लेकर गहरे सदमे में हैं और उनका कहना है कि ऐसी दरिंदगी करने वाले को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए।

इंजीनियर से प्रशासनिक अधिकारी बनने का सफर था अधूरा

यह युवती उन लाखों छात्रों के लिए एक मिसाल थी जो इंजीनियरिंग के बाद प्रशासनिक सेवाओं में जाने का सपना देखते हैं। उसने आईआईटी दिल्ली जैसे प्रतिष्ठित संस्थान से डिग्री हासिल करने के बाद भी खुद को साबित करना जारी रखा था। वह किसी ऊंचे पद पर बैठकर आराम करने की बजाय नए सिरे से संघर्ष कर रही थी। उसकी मेहनत और लगन देखते हुए सभी को उम्मीद थी कि वह एक दिन जरूर कामयाब होगी। लेकिन उस अधूरे सफर को एक दरिंदे ने बेरहमी से खत्म कर दिया। उसकी यादें ही अब परिवार के पास रह गई हैं।

SOURCE: न्यूज एजेंसी
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