Himachal News: हिमाचल प्रदेश में 51 नगर निकायों के आगामी चुनावों को लेकर राज्य चुनाव आयोग ने बड़ी प्रशासनिक पाबंदी लगा दी है। आयोग ने एक सख्त फरमान जारी करते हुए वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों के अपना जिला या अधिकार क्षेत्र छोड़ने पर तत्काल रोक लगा दी है। अब कोई भी डीसी, एसपी या एसडीएम चुनाव प्रक्रिया पूरी होने तक बिना अनुमति के मुख्यालय से बाहर नहीं जा सकेगा। इस कदम का मुख्य उद्देश्य चुनावों को पूरी तरह निष्पक्ष, पारदर्शी और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न करवाना है।
इन बड़े अधिकारियों पर लागू होगा आयोग का ‘नो एग्जिट’ प्लान
राज्य चुनाव आयोग द्वारा जारी हालिया सर्कुलर के मुताबिक, यह पाबंदी केवल निचले स्तर के कर्मचारियों पर नहीं, बल्कि जिले के टॉप कमांडर्स पर भी लागू होगी। इसमें जिले के उपायुक्त (डीसी), अतिरिक्त उपायुक्त (एडीसी), अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी (एडीएम) और उपमंडलाधिकारी (एसडीएम) शामिल हैं। पुलिस विभाग में जिले के कप्तान यानी पुलिस अधीक्षक (एसपी) को भी अपने क्षेत्र में ही डटे रहने के आदेश दिए गए हैं। आयोग की पूर्व अनुमति के बिना ये अधिकारी न तो किसी बाहरी बैठक में हिस्सा ले सकेंगे और न ही अवकाश पर जा सकेंगे।
आदेश की अनदेखी पर गाज गिरना तय, अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी
आयोग ने अपने निर्देश में स्पष्ट रूप से चेतावनी दी है कि नियमों का उल्लंघन करने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। जो अधिकारी वर्तमान में किसी कारणवश अपने मुख्यालय या जिले से बाहर हैं, उन्हें तुरंत अपने कार्यस्थल पर लौटने को कहा गया है। केवल मेडिकल इमरजेंसी, चुनाव से जुड़े अति-आवश्यक कार्य या अदालत में अनिवार्य पेशी जैसी स्थितियों में ही आयोग से विशेष अनुमति लेकर जिला छोड़ने की छूट मिल सकती है। यह कड़ा रुख प्रशासनिक लापरवाही को शून्य करने के लिए अपनाया गया है।
निष्पक्ष चुनाव के लिए कानून-व्यवस्था को मजबूत करने की कवायद
हिमाचल प्रदेश में नगर निकाय चुनावों के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखना आयोग के लिए सबसे बड़ी चुनौती है। अधिकारियों की मौके पर मौजूदगी से न केवल प्रशासनिक कार्य सुचारू रहते हैं, बल्कि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी की आशंका भी खत्म हो जाती है। नगर निकायों के साथ-साथ अब जल्द ही राज्य में पंचायती राज संस्थाओं के चुनावों की घोषणा होने की भी पूरी संभावना है। ऐसे में प्रशासन को ‘वार फुटिंग’ पर काम करने के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं ताकि पूरी लोकतांत्रिक प्रक्रिया सुगम रहे।
