India News: लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने बृहस्पतिवार को कहा कि शिक्षा राष्ट्र निर्माण की सबसे मजबूत नींव है। उन्होंने युवाओं से बड़े सपने देखने का आह्वान किया। साथ ही समर्पण के साथ अपने लक्ष्यों को हासिल करने की अपील की। बिरला ने यह बात एक निजी स्कूल के कार्यक्रम में कही। उन्होंने छात्रों को निरंतर प्रयास से सफलता पाने का मंत्र दिया।
शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य क्या है?
लोकसभा अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि शिक्षा का असली मकसद संवेदनशील और जिम्मेदार नागरिक तैयार करना है। केवल किताबी ज्ञान ही काफी नहीं है। बिरला ने कहा कि युवाओं में लोकतांत्रिक समझ विकसित करने की अत्यधिक आवश्यकता है। उन्होंने युवाओं से राष्ट्र निर्माण से जुड़ने का आह्वान किया। एक जिम्मेदार नागरिक ही देश को आगे ले जा सकता है।
युवाओं की भूमिका क्यों है अहम?
ओम बिरला ने ‘विकसित भारत 2047’ की दूरदृष्टि का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक सरकारी लक्ष्य नहीं, बल्कि पूरे देश का सामूहिक संकल्प है। इस संकल्प को पूरा करने में युवाओं की सक्रिय भागीदारी जरूरी है। बिरला ने छात्रों से अपील की कि वे राष्ट्र निर्माण में आगे आएं। युवाओं की ऊर्जा और नवाचार से ही भारत विकसित राष्ट्र बनेगा।
समर्पण और निरंतर प्रयास का संदेश
लोकसभा अध्यक्ष ने छात्रों को संबोधित करते हुए सफलता के दो मूल मंत्र दिए। पहला, लगातार प्रयास करते रहना। दूसरा, अपने लक्ष्य के प्रति पूर्ण समर्पण। उन्होंने कहा कि बिना मेहनत के बड़े सपने साकार नहीं होते। बिरला ने युवाओं से आह्वान किया कि वे अपने भविष्य के निर्माता स्वयं बनें। एक मजबूत राष्ट्र के लिए शिक्षित और जागरूक नागरिकों का होना आवश्यक है।
