Delhi News: दिल्ली की सियासत में नया समीकरण बन गया है। आम आदमी पार्टी ने मेयर चुनाव से किनारा कर लिया है। लेकिन पार्टी सत्ता के अहम केंद्र स्थायी समिति में अपनी दावेदारी मजबूती से पेश कर रही है। इस रणनीतिक कदम से राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। पार्टी ने स्थायी समिति के लिए जलज कुमार चौधरी को उतारा है।
मेयर से दूरी, स्थायी समिति पर नजर
आम आदमी पार्टी साफ कर चुकी है कि वह महापौर का चुनाव नहीं लड़ेगी। इसके बजाय पार्टी ने शालीमार बाग के पार्षद जलज कुमार चौधरी को स्थायी समिति के लिए मैदान में उतारा है। यह फैसला नामांकन प्रक्रिया से ठीक पहले लिया गया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस कदम से एमसीडी के समीकरणों पर गहरा असर पड़ेगा। पार्टी अब प्रशासनिक शक्तियों वाली इस समिति में अपनी पैठ बनाना चाहती है।
बीजेपी पर सवाल और रणनीति की पहेली
दिल्ली आप अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने बीजेपी पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि केंद्र और एमसीडी में सत्ता होने के बावजूद भाजपा कोई बदलाव नहीं ला पाई। आप का कहना है कि वह भाजपा को पूरी जिम्मेदारी देना चाहती है। पार्टी के अनुसार इससे भाजपा के कामकाज का आकलन आसान होगा। इस बार मेयर चुनाव में 273 वोट हैं, जिसमें पार्षद, विधायक और सांसद शामिल हैं। जीत के लिए 137 वोटों की जरूरत होगी।
स्थायी समिति में AAP का दांव कितना अहम?
विपक्ष के नेता अंकुश नारंग ने जलज चौधरी के नामांकन को ऐतिहासिक बताया। उन्होंने कहा कि भाजपा के गढ़ में रहते हुए चौधरी ने जनता के हक की लड़ाई लड़ी है। उनका स्थायी समिति में पहुंचना जनप्रतिनिधित्व को मजबूत करेगा। यह समिति निगम के बजट और बड़े फैसलों को मंजूरी देती है। इसलिए यह सीट किसी भी पार्टी के लिए बेहद अहम होती है। AAP ने इस दांव से अपनी रणनीति साफ कर दी है।
बीजेपी का पलटवार: ‘बहुमत खो चुकी AAP’
दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने AAP के फैसले को हास्यास्पद बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि असली वजह पार्टी के आंतरिक मतभेद और लगातार हो रहे पार्षदों के पलायन है। सचदेवा का दावा है कि AAP एमसीडी में अपना बहुमत पहले ही गंवा चुकी है। उनके अनुसार पार्टी की मजबूरी है कि वह मेयर का चुनाव नहीं लड़ सकती। भाजपा ने इसे AAP की हार की पुष्टि बताया है।
29 अप्रैल को मतदान, वोटों का गणित देखिए
दिल्ली नगर निगम में मेयर, डिप्टी मेयर और स्थायी समिति के तीन सदस्यों के लिए 29 अप्रैल को वोटिंग होगी। नामांकन की अंतिम तिथि गुरुवार शाम पांच बजे है। 250 सदस्यीय निगम में भाजपा के 123 पार्षद हैं, जबकि AAP के पास 100 सदस्य हैं। इंद्रप्रस्थ विकास पार्टी के 15, कांग्रेस के नौ और दो निर्दलीय पार्षद हैं। एक सीट खाली होने से यह चुनाव और दिलचस्प हो गया है। सभी दलों की नजर अब इस वोटिंग पर टिकी है।
