Maharashtra News: मुंबई के वर्ली इलाके में भारतीय जनता पार्टी की एक बड़ी रैली के कारण भारी ट्रैफिक जाम लग गया। इस अव्यवस्था से गुस्साए एक महिला का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में महिला मौके पर मौजूद मंत्री और आयोजकों पर अपनी नाराजगी जाहिर करती दिखी। रैली की वजह से सड़कों पर वाहन घंटों तक फंसे रहे, जिससे आम नागरिकों को काफी परेशानी हुई। महिला ने सीधे सवाल किया कि ऐसे आयोजन खुले मैदानों में क्यों नहीं किए जाते।
मंत्री गिरीश महाजन ने स्वीकारी गलती
महाराष्ट्र सरकार के मंत्री गिरीश महाजन ने इस पूरी घटना पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने स्वीकार किया कि महिला का गुस्सा काफी हद तक जायज था क्योंकि उसे असुविधा हुई। हालांकि, मंत्री ने महिला की भाषा पर आपत्ति जताई लेकिन पुलिस को उसके खिलाफ कोई कार्रवाई न करने के निर्देश दिए। महाजन के अनुसार रैली में करीब 15 से 20 हजार महिलाएं आई थीं। इस बड़ी भीड़ के कारण ही वर्ली और आसपास के इलाकों में यातायात व्यवस्था चरमरा गई थी।
महिला और पुलिस के बीच हुई तीखी बहस
यह घटना उस समय हुई जब मंत्री महाजन मीडिया से बातचीत कर रहे थे। महिला वहां अचानक पहुंची और ट्रैफिक की समस्या को लेकर सीधे सवाल दागने लगी। पुलिस ने बीच-बचाव कर महिला को शांत कराने की कोशिश की लेकिन वह अपनी बात पर अड़ी रही। उसने कहा कि राजनीतिक रैलियों के कारण आम आदमी की जिंदगी क्यों मुश्किल बनाई जा रही है। मौके पर मौजूद अधिकारियों के साथ भी उसकी काफी देर तक तीखी बहस होती रही।
मेयर ने सोशल मीडिया पर मांगी माफी
मुंबई की मेयर ऋतु तावड़े ने इस मामले को लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपनी बात रखी। उन्होंने नागरिकों को हुई असुविधा के लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगी है। मेयर ने बताया कि रैली के लिए प्रशासन से सभी जरूरी अनुमतियां ली गई थीं। फिर भी भीड़ के दबाव के कारण ट्रैफिक मैनेजमेंट फेल हो गया। उन्होंने नागरिकों को भरोसा दिलाया कि शहर में जारी नए इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स पूरा होने के बाद भविष्य में ऐसी समस्याओं से राहत मिलेगी।
विपक्ष ने सरकार के प्रबंधन पर उठाए सवाल
विपक्षी दलों ने इस मुद्दे को लेकर सरकार पर तीखा हमला बोला है। कांग्रेस और शिवसेना (UBT) ने आरोप लगाया कि सत्ता पक्ष राजनीतिक स्वार्थ के लिए जनता को परेशान कर रहा है। प्रियंका चतुर्वेदी ने वायरल वीडियो वाली महिला की सराहना करते हुए कहा कि उसने सत्ता को आईना दिखाया है। विपक्ष ने सरकार को असंवेदनशील बताते हुए भविष्य में बिना योजना के ऐसे बड़े सार्वजनिक आयोजन न करने की कड़ी चेतावनी भी दी है।
