New Delhi News: हिंदू और बौद्ध धर्म में वैशाख पूर्णिमा का बहुत अधिक महत्व है। इस पवित्र दिन को बुद्ध पूर्णिमा के नाम से जाना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इसी दिन भगवान विष्णु के नौवें अवतार गौतम बुद्ध का जन्म हुआ था। साल 2026 में यह पावन पर्व एक मई को शुक्रवार के दिन पूरे देश में मनाया जाएगा। इस खास दिन पर स्नान और दान का विशेष फल मिलता है। लोग इस दिन भगवान बुद्ध की विशेष पूजा करते हैं।
बुद्ध पूर्णिमा 2026 की सही तिथि और समय
हिंदू पंचांग के अनुसार वैशाख महीने की पूर्णिमा तिथि बहुत खास होती है। इस वर्ष पूर्णिमा तिथि 30 अप्रैल 2026 को रात 9 बजकर 13 मिनट से शुरू हो जाएगी। अगले दिन 1 मई को रात 10 बजकर 53 मिनट पर इसका समापन होगा। उदया तिथि की मान्यता के कारण बुद्ध पूर्णिमा का मुख्य त्योहार 1 मई 2026 को ही मनाया जाएगा। इस दिन शुक्रवार होने से माता लक्ष्मी की कृपा भी भक्तों पर बनी रहेगी और आपकी पूजा सफल होगी।
पूजा के लिए ये हैं सबसे शुभ मुहूर्त
इस पवित्र दिन पर पूजा पाठ के लिए कई शुभ मुहूर्त बन रहे हैं। ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4 बजकर 15 मिनट से 4 बजकर 58 मिनट तक रहेगा। इसके बाद दिन में अभिजित मुहूर्त सुबह 11 बजकर 52 मिनट से दोपहर 12 बजकर 45 मिनट तक शुभ रहेगा। कोई भी शुभ कार्य दोपहर 2 बजकर 31 मिनट से 3 बजकर 24 मिनट तक विजय मुहूर्त में कर सकते हैं। शाम को अमृत काल 6 बजकर 56 मिनट से शुरू होगा।
एक ही दिन घटी थीं जीवन की तीन बड़ी घटनाएं
भगवान बुद्ध के जीवन में वैशाख पूर्णिमा का दिन एक अद्भुत संयोग लेकर आया था। इसी पावन दिन पर महात्मा बुद्ध का जन्म हुआ था। कठोर तपस्या के बाद बोध गया में उन्हें इसी दिन सच्चे ज्ञान की प्राप्ति हुई थी। कुशीनगर में उन्होंने इसी पूर्णिमा के दिन अपने शरीर का त्याग किया था और महापरिनिर्वाण प्राप्त किया। बौद्ध धर्म को मानने वाले लोग इस दिन अपने पवित्र ग्रंथों धम्मपद और त्रिपिटक का पूरे श्रद्धा भाव से पाठ करते हैं।
मिट्टी के घड़े के दान से मिलेगा गौ दान का पुण्य
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार इस पूर्णिमा पर सूर्य मेष राशि और चंद्रमा तुला राशि में मौजूद रहते हैं। इस दिन पवित्र गंगा नदी में स्नान करने से सभी पाप नष्ट हो जाते हैं। वैशाख की भयंकर गर्मी में जल दान का सबसे अधिक महत्व होता है। इस दिन किसी गरीब या ब्राह्मण को जल से भरा मिट्टी का घड़ा दान करना चाहिए। शास्त्रों में इसे सबसे बड़ा पुण्य माना गया है जो व्यक्ति को सीधे गौ दान के बराबर फल देता है।
