Himachal News: संसद में नारी शक्ति वंदन अधिनियम पारित न होने के मुद्दे पर हिमाचल प्रदेश की राजनीति गर्मा गई है। भाजपा महिला मोर्चा ने बृहस्पतिवार को शिमला में जन आक्रोश महिला पदयात्रा और रैली का आयोजन किया। पार्टी ने विपक्षी दलों, खासकर कांग्रेस पर जमकर हमला बोला। भाजपा ने महिलाओं के लिए संसद और विधानसभाओं में 33 फीसदी आरक्षण का कानून न पारित होने के लिए कांग्रेस को जिम्मेदार ठहराया।
‘कांग्रेस ने 70 करोड़ महिलाओं के साथ किया विश्वासघात’
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष राजीव बिंदल ने रैली को संबोधित करते हुए कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम का विरोध कर कांग्रेस सहित अन्य विपक्षी दलों ने 70 करोड़ बहनों के अधिकारों पर प्रहार किया है। यही कारण है कि नारी शक्ति अब इन दलों के खिलाफ सड़कों पर उतर आई है। उन्होंने प्रदेश सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि 28 लाख महिलाओं को 1500 रुपये प्रतिमाह देने का वादा किया गया था, लेकिन आज तक एक भी महिला को इसका लाभ नहीं मिला। यह महिलाओं के साथ खुला छल है।
महिला मोर्चा बोली- ‘कांग्रेस का दोहरा चरित्र उजागर हुआ’
भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष डेजी ठाकुर ने कहा कि महिला आरक्षण बिल गिराना लोकतंत्र का काला दिन है। कांग्रेस ने देश की महिलाओं के साथ विश्वासघात किया है। वह महिलाओं को केवल वोट बैंक समझती है। अब नारी शक्ति सड़कों पर उतर कर जवाब देगी। मोर्चा उपाध्यक्ष पायल वैद्य ने कहा कि इस अधिनियम के पारित न होने से महिला आरक्षण पर कांग्रेस का दोहरा चरित्र उजागर हुआ है। अब महिलाओं का आक्रोश ही सत्ता परिवर्तन का आधार बनेगा।
‘बसें रोक कर सरकार ने दबाने की कोशिश की महिलाओं की आवाज’
भाजपा विधायक रीना कश्यप ने दावा किया कि आज जन आक्रोश रैली में आ रही महिलाओं की बसों को कांग्रेस सरकार ने रोकवा दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार महिलाओं की आवाज दबाने की साजिश रच रही है। नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि यह जनआक्रोश केवल एक रैली नहीं, बल्कि आने वाले राजनीतिक परिवर्तन की नींव है। कांग्रेस का महिला विरोधी चेहरा पूरी तरह उजागर हो चुका है। रैली में पायल वैद्य, रीना कश्यप, रश्मि धर सूद सहित अन्य नेता भी मौजूद रहे।
