Himachal News: हिमाचल प्रदेश में सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं के लाभार्थियों की संख्या लगातार बढ़ रही है। राज्य सरकार के अनुसार, पिछले तीन वर्षों में 99,799 नए मामलों को मंजूरी दी गई है। अब कुल लाभार्थियों की संख्या बढ़कर 8,41,917 हो गई है। इनमें बुजुर्ग, विधवाएं, एकल महिलाएं और दिव्यांगजन शामिल हैं। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि सरकार सुशासन के तहत जरूरतमंदों को उनका हिस्सा दे रही है।
कितने लोगों को कौन सी पेंशन? यहां देखें पूरा ब्योरा
राज्य सरकार के आंकड़ों के अनुसार, 1,04,740 लोग इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन ले रहे हैं। राज्य वृद्धावस्था पेंशन के 5,04,253 लाभार्थी हैं। इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन पर 25,414 लोग हैं। वहीं, विधवा, निराश्रित और एकल महिला पेंशन 1,26,808 लोगों को मिल रही है। दिव्यांगता पेंशन (इंदिरा गांधी) के 1,340 और विकलांगता राहत भत्ते के 78,291 लाभार्थी हैं। 69 वर्ष तक की 2,67,040 महिलाओं को हर माह 1,500 रुपये मिलते हैं। इसके अलावा, 1,021 कुष्ठ रोग पुनर्वास भत्ता और 50 ट्रांसजेंडर पेंशनधारी हैं।
तीन वित्त वर्षों में मंजूर हुए इतने नए मामले
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने बताया कि वित्त वर्ष 2023-24 में 41,799 नए मामलों को मंजूरी दी गई। वित्त वर्ष 2024-25 में 41,012 और 2025-26 में 16,988 मामले मंजूर हुए। उन्होंने कहा कि हाल ही में पेंशन नियमों में संशोधन किया गया है। इसका उद्देश्य पेंशन का समय पर वितरण सुनिश्चित करना है। सरकार ने यह भी सुनिश्चित किया है कि कोई पात्र व्यक्ति पेंशन से वंचित न रहे। समय-समय पर नए आवेदन मांगे जाते हैं और उनका त्वरित निस्तारण किया जाता है।
100 प्रतिशत दिव्यांगों की पेंशन बढ़ी, आय सीमा की बाधा हटी
मुख्यमंत्री ने एक और बड़ा ऐलान किया। उन्होंने बताया कि 100 प्रतिशत दिव्यांगता वाले लोगों की पेंशन 1,700 रुपये से बढ़ाकर 3,000 रुपये प्रति माह कर दी गई है। इससे करीब 7,000 लोगों को फायदा होगा। साथ ही विधवा, परित्यक्ता और एकल महिलाओं तथा 40 से 69 प्रतिशत दिव्यांगता वाले लोगों के लिए आय सीमा और ग्राम सभा की मंजूरी की अनिवार्यता को खत्म कर दिया गया है। इससे पेंशन प्राप्त करने की प्रक्रिया बेहद आसान हो गई है। अब पात्र लोगों को इन औपचारिकताओं के लिए भटकना नहीं पड़ेगा।
सीएम सुक्खू बोले- सरकार कल्याणकारी योजनाओं पर बढ़ा रही खर्च
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि उनकी सरकार सुशासन के तहत काम कर रही है। राज्य के संसाधनों में जरूरतमंद लोगों को उनका उचित हिस्सा दिलाना सरकार की प्राथमिकता है। कल्याणकारी योजनाओं पर खर्च को लगातार बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने आश्वासन दिया कि जिन लोगों का पेंशन से वंचित रह जाता है, उनके मामलों को प्राथमिकता के आधार पर हल किया जाएगा। सरकार का लक्ष्य राज्य के हर पात्र नागरिक तक पेंशन पहुंचाना है। इसके लिए जागरूकता अभियान भी चलाए जा रहे हैं।
