Himachal News: हिमाचल प्रदेश में सीबीएसई बोर्ड से जुड़े 150 से अधिक स्कूलों में इस सत्र से दाखिले शुरू हो गए हैं। अभिभावकों और बच्चों में इन स्कूलों को लेकर काफी क्रेज देखा गया। लेकिन अब बच्चों को किताबें नहीं मिल पा रही हैं और कई स्कूलों में टीचरों की तैनाती भी नहीं हुई है। इस वजह से परिजन नाराज हैं। कई अभिभावक इन स्कूलों को दोबारा हिमाचल बोर्ड में शामिल करने की मांग कर रहे हैं।
जोगिंद्रनगर के स्कूलों में बच्चों और अभिभावकों में रोष
मंडी जिले के जोगिंद्रनगर में अभिभावकों ने एडमिशन के बाद सुविधाओं को लेकर सवाल उठाए हैं। सरकार ने यहां के दो बड़े गर्ल्स और बॉयज स्कूल को मर्ज कर सीबीएसई को सौंप दिया था। अब अभिभावक इसे फिर से एचपी बोर्ड में लाने की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि अगर बच्चे हिमाचल बोर्ड में पढ़ना चाहते हैं तो उन्हें 25 किलोमीटर दूर दाखिला लेना पड़ेगा। यह उनके लिए संभव नहीं है। सरकार का फैसला उन पर थोपा जा रहा है।
न किताबें मिल रही हैं, न टीचर ही हैं
अभिभावक शक्ति राणा ने बताया कि स्कूल को सीबीएसई में शामिल करना अच्छा फैसला था। लेकिन उन्होंने बच्चे का एडमिशन करवा दिया, लेकिन अब किताबों को लेकर कोई जानकारी नहीं है। प्रबंधन भी कुछ नहीं बता पा रहा। एक अन्य अभिभावक ने बताया कि उसने छठी में एडमिशन लिया। स्कूल ने किताबें देने का वादा किया था, लेकिन जब वह पहुंची तो कहा गया कि किताबें खत्म हो गई हैं। अप्रैल खत्म होने वाला है और आगे बरसात आएगी, जिससे बच्चों की पढ़ाई बर्बाद हो जाएगी। धर्मपुर के मंडप स्कूल में भी अभी तक टीचर नहीं आए हैं।
स्कूल एसएमसी सदस्य और छात्रों ने भी लगाई गुहार
स्कूल में एसएमसी सदस्य कंचना का कहना है कि उनका बेटा दसवीं में पढ़ता है। वह एचपी बोर्ड में ही पढ़ना चाहता है। लेकिन पास में कोई एचपी बोर्ड का स्कूल नहीं है। उन्होंने मांग की कि एक स्कूल एचपी बोर्ड और दूसरा सीबीएसई के तहत किया जाए। एक दसवीं के छात्र ने भी कहा कि वह अब तक एचपी बोर्ड में पढ़ा है और आगे भी वहीं पढ़ना चाहता है। सरकार से अपील है कि इन स्कूलों को दोबारा राज्य बोर्ड में शामिल किया जाए। अभिभावकों का आरोप है कि एडमिशन के लिए सिर्फ दो दिन का समय दिया गया, जिससे उनके पास सोचने का मौका नहीं था।
CM सुक्खू ने दिया आश्वासन: 30 जून तक मिलेंगे टीचर
हाल ही में कांगड़ा के फतेहपुर दौरे के दौरान मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि 30 जून से पहले इन सीबीएसई स्कूलों में टीचरों की तैनाती कर दी जाएगी। राज्य स्तर पर चयन प्रक्रिया चल रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली भाजपा सरकार में शिक्षा का स्तर गिर गया था और 2021 में हिमाचल गुणात्मक शिक्षा में 21वें पायदान पर आ गया था। उनकी सरकार ने व्यवस्था में सुधार किए हैं और पहली कक्षा से अंग्रेजी माध्यम की शुरुआत की है। हालांकि, अभिभावकों को अब भी तत्काल समाधान चाहिए।
