China News: 74 साल की ब्रिटिश महिला की कहानी इंटरनेट पर दिल जीत रही है। गिल नाम की इस बुजुर्ग ने अकेले 72 देशों की यात्रा की है। अब वह अपनी नई यात्रा पर चीन पहुंची हैं। स्थानीय लोगों ने उनका बेहद गर्मजोशी और प्यार से स्वागत किया। इस व्यवहार ने सोशल मीडिया पर सबको भावुक कर दिया है। अकेले सफर करने वाली इस महिला को अजनबियों का भारी सहयोग मिल रहा है।
फुकेत से शुरू हुई चीन के सफर की कहानी
हेझोऊ के छात्र शियाओ यू की मुलाकात गिल से थाईलैंड के फुकेत में हुई थी। दोनों वहां एक स्वयंसेवा कार्यक्रम का हिस्सा थे। बातचीत में शियाओ को इस साहसी महिला के सफर का पता चला। बाद में गिल ने ईमेल से अपने चीन आने की जानकारी दी। उनका दूसरा पड़ाव शियाओ के घर के करीब गुइलिन शहर था। इस छात्र ने तुरंत वहां जाकर उनकी मदद करने का अहम फैसला लिया।
गुइलिन की सैर और स्मार्टफोन की उलझन
तीन अप्रैल को शियाओ ने गुइलिन पहुंचकर गिल का शानदार स्वागत किया। उसने गिल को एलीफेंट ट्रंक हिल और डिएकाई हिल जैसी जगहें घुमाईं। दोनों ने स्थानीय चावल के नूडल्स खाए और ढेरों तस्वीरें खींचीं। शियाओ ने महसूस किया कि गिल को स्मार्टफोन चलाने में बहुत परेशानी होती है। उन्हें हमेशा फोन की बैटरी खत्म होने का डर रहता था। यह सब देखकर शियाओ को अपनी दादी की याद आ गई।
इंटरनेट पर अपील और एक महीने का टूर
गिल की उम्र देखकर शियाओ को उनकी सुरक्षा की काफी चिंता हुई। उसने इंटरनेट पर लिखकर स्थानीय लोगों से इस बुजुर्ग की मदद करने की अपील की। गिल पूरे एक महीने तक चीन के विभिन्न शहरों की यात्रा करने वाली हैं। उनके इस सफर में ग्वांगझोउ, चेंगदू, शियान, हांगझोउ और बीजिंग जैसे शहर शामिल हैं। वह इन सभी जगहों की संस्कृति और खूबसूरती को करीब से देखना और समझना चाहती हैं।
अजनबियों का प्यार और सुरक्षित आगे का सफर
सात और आठ अप्रैल को गिल हुनान प्रांत के प्रसिद्ध झांगजियाजी इलाके में पहुंचीं। अपनी यात्रा को आसान बनाने के लिए वह एक टूर ग्रुप से जुड़ गईं। इस ग्रुप में लू यान नाम का एक स्थानीय गाइड भी उनके साथ था। लू ने बताया कि ग्रुप के सभी लोग गिल का बहुत अच्छे से ख्याल रखते हैं। अजनबियों के इस अथाह प्यार ने बुजुर्ग महिला की यात्रा को सुरक्षित बना दिया है।
