Delhi News: दिल्ली के किसानों के लिए लंबे इंतजार के बाद राहत भरी खबर आई है। आज यानी 24 अप्रैल 2026 से न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर गेहूं की सरकारी खरीद फिर से शुरू कर दी गई है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर यह जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि अब किसानों को फसल बेचने के लिए दूसरे राज्यों या दूर के बाजारों में नहीं जाना पड़ेगा।
कहां होगी गेहूं की खरीद? जानें दो मुख्य केंद्रों के बारे में
दिल्ली सरकार ने फिलहाल दो प्रमुख स्थानों पर गेहूं खरीद की व्यवस्था शुरू की है। पहला केंद्र नरेला स्थित एफसीआई डिपो है। दूसरा केंद्र नजफगढ़ मंडी में बनाया गया है। किसान सीधे इन केंद्रों पर अपनी फसल लेकर पहुंच सकते हैं। उन्हें एमएसपी पर गेहूं बेचने की सुविधा मिलेगी। इस व्यवस्था से बिचौलियों की भूमिका भी कम होगी और किसानों को उचित मूल्य मिल पाएगा। सरकार का लक्ष्य पारदर्शी खरीद सुनिश्चित करना है।
कितने बजे होगी खरीद और क्या है प्रक्रिया?
गेहूं की खरीद रोजाना सुबह 11 बजे से शाम 5 बजे तक की जाएगी। इस प्रक्रिया को पूरी तरह से डिजिटल और पारदर्शी बनाने की कोशिश की गई है। सरकार डिजिटल रिकॉर्ड और बैंक भुगतान प्रणाली का इस्तेमाल करेगी। इससे किसानों को सीधे उनके बैंक खातों में भुगतान मिल सकेगा। किसी तरह की देरी या गड़बड़ी से बचने के लिए यह कदम उठाया गया है। किसानों को नकदी लेकर घूमने की जरूरत नहीं पड़ेगी। उनका पैसा सीधे खाते में आ जाएगा।
ये तीन जरूरी दस्तावेज साथ लाना न भूलें
किसानों को गेहूं बेचने के लिए तीन आवश्यक दस्तावेज साथ लाने होंगे। पहला, पहचान के लिए आधार कार्ड जरूरी है। दूसरा, फसल की पुष्टि के लिए जमीन के रिकॉर्ड दिखाने होंगे। तीसरा, भुगतान के लिए बैंक पासबुक साथ रखनी होगी। इन दस्तावेजों की मदद से सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि एमएसपी का लाभ सही और योग्य किसानों तक ही पहुंचे। डॉक्यूमेंटेशन की यह प्रक्रिया आसान और त्वरित रखी गई है।
सीएम रेखा गुप्ता ने केंद्र को लिखा था पत्र, फिर मिली मंजूरी
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने हाल ही में केंद्र सरकार को एक पत्र लिखकर दिल्ली में एफसीआई के माध्यम से गेहूं खरीद फिर से शुरू करने की मांग की थी। उन्होंने बताया था कि स्थानीय खरीद बंद होने से किसानों को एमएसपी से कम दाम पर फसल बेचने को मजबूर होना पड़ रहा था। केंद्र सरकार ने इस मांग पर सकारात्मक रुख दिखाया। उसने फूड कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया को दिल्ली में खरीद प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दे दिए। इसके बाद यह संभव हो सका।
लगभग 21 हजार किसानों को होगा सीधा फायदा
इस ऐतिहासिक फैसले से दिल्ली के करीब 21 हजार किसानों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है। राजधानी में लगभग 29 हजार हेक्टेयर भूमि पर खेती होती है। हर साल यहां करीब 80 हजार टन गेहूं का उत्पादन होता है। स्थानीय स्तर पर खरीद शुरू होने से अब यह उत्पादन बेचना आसान हो जाएगा। किसानों को दूर-दराज के मंडियों में भटकना नहीं पड़ेगा। यह कदम दिल्ली की कृषि व्यवस्था को मजबूती देगा और किसानों की आय में सुधार करेगा।
