Uttarakhand News: उत्तराखंड की राजनीति में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का कद लगातार बढ़ता जा रहा है। उनकी सरल कार्यशैली और जन समस्याओं के त्वरित समाधान ने न केवल जनता, बल्कि भाजपा हाईकमान का भी दिल जीत लिया है। प्रधानमंत्री मोदी और अमित शाह के बाद अब भाजपा के राष्ट्रीय नेतृत्व ने भी साफ कर दिया है कि आगामी विधानसभा चुनावों में धामी ही पार्टी के मुख्य चेहरा होंगे।
हाईकमान का अटूट भरोसा
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने कार्यकाल के दौरान प्रदेश में राजनीतिक स्थिरता की एक नई इबारत लिखी है। दिल्ली दरबार में उनके प्रति बढ़ते विश्वास का ही नतीजा है कि शीर्ष नेतृत्व उन्हें लंबी रेस का घोड़ा मान रहा है। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने हाल ही में एक साक्षात्कार के दौरान स्पष्ट किया कि पार्टी धामी के नेतृत्व और उनके विकासपरक ट्रैक रिकॉर्ड से पूरी तरह संतुष्ट है।
विकास का ‘ट्रैक रिकॉर्ड’ बना ढाल
भाजपा नेतृत्व का मानना है कि उत्तराखंड में जन-जीवन के स्तर में पिछले कुछ वर्षों में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। नितिन नवीन के अनुसार, राज्य सरकारों के सामने जन अपेक्षाओं पर खरा उतरने की बड़ी चुनौती होती है, जिसे धामी ने बखूबी निभाया है। सरकार की इसी परफार्मेंस को देखते हुए हाईकमान ने यह तय किया है कि अगले चुनावों में पार्टी की नैया पार लगाने की जिम्मेदारी फिर से धामी को ही सौंपी जाएगी।
विरोधियों और अफवाहों पर लगा विराम
पिछले एक साल से राजनीतिक गलियारों में नेतृत्व परिवर्तन को लेकर रह-रहकर उठने वाली चर्चाओं पर अब पूरी तरह विराम लग गया है। इससे पहले गृह मंत्री अमित शाह ने भी सार्वजनिक मंच से धामी सरकार की पीठ थपथपाई थी। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी हल्द्वानी में समान नागरिक संहिता (UCC) जैसे साहसिक फैसलों का जिक्र कर यह संदेश दे दिया था कि हाईकमान वर्तमान नेतृत्व के साथ मजबूती से खड़ा है।
प्रधानमंत्री के भरोसे का प्रतीक
दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के लोकार्पण के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की मुख्यमंत्री धामी के साथ केमिस्ट्री ने कई राजनीतिक संदेश दिए थे। पीएम मोदी का उत्तराखंड से विशेष लगाव और धामी के प्रति उनका स्नेह प्रदेश के विकास कार्यों में साफ झलकता है। केंद्र और राज्य के बीच इसी बेहतर समन्वय को भाजपा आगामी विधानसभा चुनाव में ‘हैटट्रिक’ लगाने के अपने दांव के लिए सबसे महत्वपूर्ण कड़ी मान रही है।
समान नागरिक संहिता और कड़े फैसले
धामी सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धियों में समान नागरिक संहिता (UCC) को लागू करने की पहल और सख्त नकल विरोधी कानून शामिल हैं। इन फैसलों ने देशभर में उत्तराखंड भाजपा की छवि को एक ‘निर्णायक सरकार’ के रूप में पेश किया है। राजनाथ सिंह जैसे दिग्गज नेताओं ने भी इन ऐतिहासिक कदमों की सराहना की है। इन्हीं साहसिक फैसलों ने धामी को पार्टी के भीतर एक निर्विवाद और मजबूत जननेता के रूप में स्थापित कर दिया है।
2027 की चुनावी बिसात और धामी
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के ताजा बयान के बाद अब राज्य भाजपा पूरी तरह से चुनावी मोड में आ गई है। पार्टी की रणनीति साफ है कि वह विकास और धामी के चेहरे को आगे रखकर जनता के बीच जाएगी। संगठन और सरकार के बीच तालमेल बिठाते हुए सीएम धामी ने न केवल पहाड़ की चुनौतियों को समझा है, बल्कि उनके निदान के लिए डिजिटल गवर्नेंस और संवाद के नए आयाम भी स्थापित किए हैं।
