Delhi News: दिल्ली हाई कोर्ट ने उत्तम नगर में होली के दिन हुई हिंसक झड़प में मारे गए 27 वर्षीय तरुण बुतोलिया के परिवार को पुलिस सुरक्षा देने का आदेश दिया है। जस्टिस गिरीश कठपालिया ने एडिशनल डीसीपी को निर्देश दिया कि वह संबंधित एसएचओ को कहें कि वह परिवार को अपना निजी मोबाइल नंबर दे। ताकि संकट के समय परिवार तुरंत उनसे संपर्क कर सके। यह आदेश परिवार की जान और आजादी को गंभीर खतरे वाली याचिका पर सुनवाई के दौरान आया।
परिवार ने मांगी थी सुरक्षा और भड़काऊ वीडियो हटाने की मांग
तरुण के परिवार ने हाई कोर्ट में याचिका दायर कर कहा था कि उनकी जान को गंभीर खतरा है। उन्होंने पर्याप्त पुलिस सुरक्षा देने की मांग की थी। साथ ही सोशल मीडिया से हिंसा से जुड़े भड़काऊ, धमकी भरे और सांप्रदायिक तनाव बढ़ाने वाले वीडियो हटाने का भी अनुरोध किया था। परिवार का कहना था कि इन वीडियो से उनकी सुरक्षा पर और भी बड़ा खतरा पैदा हो रहा है। कोर्ट ने इन मांगों को गंभीरता से लिया।
पुलिस ने कोर्ट को बताया- ‘हर संभव सुरक्षा सुनिश्चित करेंगे’
पुलिस ने कोर्ट को बताया कि स्थानीय पुलिस पहले से सक्रिय है और परिवार को हर संभव सुरक्षा देगी। एडिशनल डीसीपी ने जानकारी दी कि परिवार के घर वाली गली और आसपास के ब्लॉकों में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने के लिए पुलिस पिकेट भी लगाए गए हैं। उन्होंने बताया कि विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से 250 से अधिक भड़काऊ वीडियो पहले ही हटा दिए गए हैं। पुलिस ने परिवार को भरोसा दिलाया है कि उनकी सुरक्षा में कोई कमी नहीं रहेगी।
कोर्ट ने दिए ये अहम निर्देश, याचिका का किया निपटारा
कोर्ट ने एडिशनल डीसीपी से अनुरोध किया कि वे संबंधित एसएचओ को निर्देश दें कि वे याचिकाकर्ताओं को अपना पर्सनल मोबाइल नंबर दें। साथ ही यदि परिवार के पास कोई और वीडियो या आपत्तिजनक कंटेंट है, तो वे उसकी सूचना स्थानीय एसएचओ को दें। एसएचओ कानून के अनुसार तुरंत उचित कार्रवाई करेगा। इसी के साथ कोर्ट ने याचिका का निपटारा कर दिया। यह आदेश परिवार के लिए बड़ी राहत लेकर आया है। असल में यह पूरा मामला होली के दिन एक पानी के गुब्बारे को लेकर हुए विवाद से शुरू हुआ था।
