Ghaziabad News: ईरान और इजरायल युद्ध का असर भारतीय कारोबारियों पर पड़ा है। गाजियाबाद के मसूरी इलाके की एक मीट फैक्ट्री के साथ सात करोड़ की धोखाधड़ी हुई है। खाड़ी देशों को भेजा गया फ्रोजन मीट युद्ध के कारण गुजरात के मुंद्रा पोर्ट से वापस आ गया था। लेकिन यह महंगा कार्गो कंपनी के गोदाम तक पहुंचने से पहले ही रहस्यमय ढंग से गायब हो गया। पुलिस ने इस चोरी का मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
कस्टम एजेंट पर धोखाधड़ी और माल गायब करने का आरोप
प्योर फूड स्टफ और अल अम्मार फ्रोजन फूड्स एक्सपोर्ट्स अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मीट उत्पादों का कारोबार करती हैं। कंपनी ने युद्ध के कारण मुंद्रा बंदरगाह से वापस आए छह कंटेनरों को दादरी मंगाया था। इन कंटेनरों को सुरक्षित गोदाम तक पहुंचाने की जिम्मेदारी दिल्ली स्थित एसपीजे कार्गो को दी गई थी। कस्टम क्लियरेंस का काम इसी एजेंट के पास था। लेकिन आरोपी एजेंट ने बेईमानी करके अप्रैल में सारा माल निकालकर अवैध रूप से कहीं और भेज दिया।
शिपिंग लाइन की सूचना से हुआ करोड़ों के घपले का खुलासा
शिपिंग लाइन से माल की स्थिति की आधिकारिक सूचना मिलने पर कंपनी को इस धोखाधड़ी का पता चला। कस्टम वापसी प्रक्रिया पूरी होने के बाद कंटेनरों को सीधे गाजियाबाद के गोदाम में भेजा जाना था। लेकिन आरोपी एजेंट ने बिना जानकारी दिए सात करोड़ रुपये का पूरा कार्गो रास्ते से ही गायब कर दिया। कंपनी मालिक हसरत अली की लिखित शिकायत पर मसूरी पुलिस ने इस गंभीर मामले में सख्त कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
