Technology News: दुनिया की सबसे मूल्यवान टेक कंपनी Apple को अक्सर उसकी परफेक्शन और बारीकियों पर ध्यान देने के लिए जाना जाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि एक समय ऐसा भी था जब कंपनी के सीईओ टिम कुक के एक फैसले ने Apple की साख को पूरी तरह दांव पर लगा दिया था? हाल ही में एक इंटरनल टाउन हॉल मीटिंग के दौरान टिम कुक ने खुद स्वीकार किया कि Apple Maps का लॉन्च उनके करियर की सबसे बड़ी विफलता थी। इस खुलासे ने उन लोगों को हैरान कर दिया है जो Apple को ‘अचूक’ मानते थे।
2012 का वह फैसला जिसने हिला दी थी कंपनी की नींव
साल 2012 में Apple ने गूगल मैप्स के दबदबे को खत्म करने के लिए अपना खुद का ‘Apple Maps’ पेश किया था। टिम कुक के नेतृत्व में लिया गया यह फैसला कंपनी के लिए किसी दुःस्वप्न से कम साबित नहीं हुआ। जैसे ही यह ऐप बाजार में आया, दुनियाभर के यूजर्स ने इसकी खराब क्वालिटी और गलतियों की बाढ़ ला दी। नेविगेशन इतना अविश्वसनीय था कि लोगों को गलत रास्तों पर भेज दिया जाता था। इस घटनाक्रम ने Apple की ब्रांड वैल्यू और उसकी गुणवत्ता के दावों पर गंभीर अंतरराष्ट्रीय सवाल खड़े कर दिए थे।
मैप्स की वो गलतियां जो बन गईं कंपनी के लिए गले की फांस
Apple Maps के शुरुआती वर्जन में खामियों की लिस्ट काफी लंबी थी। मैप्स के भीतर प्रमुख शहरों के नाम गायब थे और लैंडमार्क की सैटेलाइट तस्वीरें टेढ़ी-मेढ़ी और विकृत नजर आती थीं। कई जगहों पर पुल और सड़कें नक्शे में टूटी हुई दिखाई देती थीं। उस समय गूगल मैप्स एक बेहद सटीक और स्मूथ अनुभव प्रदान कर रहा था, जिसके मुकाबले Apple की सर्विस बेहद कमतर साबित हुई। इस विफलता ने कुक को एक कठिन स्थिति में डाल दिया था जहां उन्हें अपनी लीडरशिप को साबित करना था।
कंपनी के भीतर मची भगदड़ और सार्वजनिक माफी
इस विवाद का असर इतना गहरा था कि Apple के भीतर बड़े स्तर पर फेरबदल करना पड़ा। उस समय iOS सॉफ्टवेयर की जिम्मेदारी संभाल रहे स्कॉट फॉरस्टॉल को इस विफलता के बाद कंपनी से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया। स्थिति को संभालने के लिए टिम कुक को खुद सामने आकर सार्वजनिक रूप से ग्राहकों से माफी मांगनी पड़ी। उन्होंने यहां तक सुझाव दिया कि जब तक Apple Maps में सुधार नहीं हो जाता, तब तक यूजर्स गूगल या अन्य प्रतिस्पर्धी मैप्स का इस्तेमाल कर सकते हैं।
विफलता से मिली सीख ने बदल दिया Apple का भविष्य
टिम कुक के अनुसार, इस असफलता ने Apple के काम करने के कल्चर को पूरी तरह से बदल कर रख दिया। उन्होंने महसूस किया कि इंटरनल टेस्टिंग और वास्तविक दुनिया के फीडबैक में जमीन-आसमान का अंतर हो सकता है। आज Apple किसी भी नए फीचर या प्रोडक्ट को तब तक सार्वजनिक नहीं करता जब तक वह हर पैमाने पर 100% सटीक न हो। हालांकि आज Apple Maps काफी बेहतर और आधुनिक हो चुका है, लेकिन 2012 की वह टीस आज भी कंपनी के लिए एक बड़ा सबक बनी हुई है।
लीडरशिप और जवाबदेही की नई मिसाल
टिम कुक का यह कबूलनामा दिखाता है कि एक महान लीडर वही है जो अपनी गलतियों को स्वीकार करने का साहस रखता है। उन्होंने यह स्पष्ट किया कि Apple जैसी दिग्गज कंपनी भी विफल हो सकती है, लेकिन महत्वपूर्ण यह है कि आप उस विफलता से क्या सीखते हैं। आज Apple जिस फिनिशिंग और यूजर एक्सपीरियंस के लिए मशहूर है, उसके पीछे कहीं न कहीं Maps जैसी विफलताओं से मिली कड़वी सीख छिपी हुई है। यह घटना टेक इंडस्ट्री के लिए एक केस स्टडी की तरह है।
