Himachal News: हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में रसोई गैस की सप्लाई को लेकर लंबे समय से जारी दिक्कतों के बीच अब राहत का रास्ता साफ होता दिख रहा है। जिला प्रशासन ने पाइप्ड नेचुरल गैस और कंप्रेस्ड नेचुरल गैस पंप स्थापित करने की योजना पर तेजी से काम शुरू कर दिया है। इसके लिए मंडी, सुंदरनगर और नेरचौक में छह संभावित स्थानों को चिह्नित किया जा चुका है।
कहां-कहां लगेंगे गैस पंप?
जिला खाद्य आपूर्ति विभाग ने नेरचौक मेडिकल कॉलेज, मंडी के सौली खड्ड, जेल रोड, सुंदरनगर की बीबीएमबी कॉलोनी, डेंटल कॉलेज और डैहर फोरलेन के पास पंप लगाने के लिए जगह का निरीक्षण पूरा कर लिया है। ये सभी स्थान इसलिए चुने गए हैं ताकि अधिकतर घरों और वाहनों तक सीधी गैस सप्लाई का नेटवर्क बिछाया जा सके। हर पंप पर विशेष टैंक लगाए जाएंगे, जिन्हें ट्रक के माध्यम से नियमित रूप से रिफिल किया जाएगा।
नेरचौक मेडिकल कॉलेज को मिली प्रिंसिपल अप्रूवल
राहत भरी खबर यह है कि नेरचौक मेडिकल कॉलेज में पीएनजी पंप लगाने के लिए प्रिंसिपल अप्रूवल मिल चुकी है। वहीं मंडी के सौली खड्ड में हिमाचल पथ परिवहन निगम की जमीन पर पंप स्थापित करने को लेकर निगम से पत्राचार जारी है। यह कदम केंद्र सरकार के नेशनल पीएनजी ड्राइव के तहत उठाया जा रहा है, ताकि सिलिंडर पर निर्भरता घटाई जा सके।
गल्फ युद्ध की वजह से 80 फीसदी सिलिंडर ही पहुंच रहे
खाड़ी देशों में चल रहे युद्ध के कारण पैदा हुई गैस की कमी ने मंडी की सप्लाई चेन को बुरी तरह प्रभावित किया है। जिले में फिलहाल मांग के मुकाबले मात्र 80 प्रतिशत रसोई गैस सिलिंडर ही उपलब्ध कराए जा रहे हैं। ऐसे में पीएनजी और सीएनजी पंप स्थानीय लोगों के लिए बड़ा विकल्प साबित होंगे और आपात स्थिति में सप्लाई सुनिश्चित करेंगे।
कैसे मिलेगी घरों तक 24 घंटे गैस?
पीएनजी पंपों से घरों को जोड़ने के लिए डेडिकेटेड पाइपलाइन बिछाई जाएगी। इच्छुक परिवारों को कनेक्शन के लिए आवेदन करना होगा, जिसके बाद उन्हें चौबीसों घंटे बिना रुकावट गैस सप्लाई मिलने लगेगी। गैस कंपनी की टीमें लोगों को पीएनजी और सीएनजी के आर्थिक व पर्यावरणीय लाभों की जानकारी भी देंगी। जिला खाद्य आपूर्ति नियंत्रक बृजेंद्र पठानिया ने बताया कि मंडी, सुंदरनगर और नेरचौक में पंप खोलने के लिए सभी जरूरी कार्रवाई जारी है।
