देवभूमि कुल्लू में युवाओं का भव्य महाकुंभ: सद्गुरु माता सुदीक्षा जी महाराज खुद दिखाएंगी जीवन की राह, हिमाचल सरकार ने दिया ‘स्टेट गेस्ट’ का सम्मान

Himachal News: हिमाचल प्रदेश की देवभूमि कुल्लू में एक ऐतिहासिक आयोजन होने जा रहा है। संत निरंकारी मिशन की वर्तमान सद्गुरु माता सुदीक्षा जी महाराज की असीम कृपा से 30 अप्रैल से 3 मई तक चार दिवसीय ‘निरंकारी यूथ सिम्पोजियम’ (NYS) का आयोजन किया जाएगा। हिमाचल सरकार ने माता जी को ‘राज्य अतिथि’ का विशेष दर्जा प्रदान किया है। इस आयोजन का मकसद युवाओं का सर्वांगीण विकास, तनाव प्रबंधन और उन्हें आध्यात्मिक ऊर्जा से जोड़ना है। इसमें हिमाचल और जम्मू-कश्मीर से हजारों श्रद्धालु शामिल होंगे।

चार दिवसीय कार्यक्रम की रूपरेखा

मंडी जोन के जोनल इंचार्ज डॉ. आर.के. अभिलाषी ने प्रेस वार्ता में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 30 अप्रैल को खेल गतिविधियों के साथ सिम्पोजियम का आगाज होगा। इसके बाद 1 और 2 मई को युवाओं के लिए विशेष चर्चा सत्र आयोजित किए जाएंगे। इन सत्रों में मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य, मोटिवेशन तथा जीवन की चुनौतियों का सामना करने पर विशेषज्ञ गहन मार्गदर्शन देंगे। इन सत्रों को बेहद संवादात्मक और प्रेरणादायक बनाने की पूरी तैयारी की गई है।

सद्गुरु माता सुदीक्षा जी का विशेष आशीर्वचन

3 मई को एक विशाल समागम का आयोजन होगा, जिसमें सद्गुरु माता सुदीक्षा जी महाराज की गरिमामयी उपस्थिति मुख्य आकर्षण रहेगी। माता जी स्वयं युवाओं को संबोधित कर उन्हें जीवन मूल्यों और सही मार्ग पर चलने की प्रेरणा देंगी। डॉ. अभिलाषी ने बताया कि हिमाचल प्रदेश सरकार की ओर से माता जी को ‘राज्य अतिथि’ का दर्जा देना पूरे मिशन के लिए गर्व का विषय है। यह सम्मान आध्यात्मिक गुरु के प्रति सरकार की श्रद्धा को दर्शाता है।

युवाओं के तनाव और कुरीतियों पर करेगा वार

डॉ. अभिलाषी ने कहा कि आज की युवा पीढ़ी मानसिक तनाव और नशे जैसी कुरीतियों की ओर तेजी से बढ़ रही है। उन्होंने बताया कि मिशन का मुख्य लक्ष्य युवाओं के ‘स्ट्रेस लेवल’ को कम करना और उन्हें आध्यात्मिक व सामाजिक कार्यों से जोड़कर एक स्वस्थ समाज का निर्माण करना है। यह यूथ सिम्पोजियम उसी दिशा में उठाया गया एक ठोस कदम है ताकि युवा रचनात्मक ऊर्जा से जुड़ सकें और नकारात्मकता से दूर रहें।

1929 से समाज सेवा में अग्रणी है संत निरंकारी मिशन

गौरतलब है कि संत निरंकारी मिशन पिछले कई दशकों से निस्वार्थ समाज सेवा के लिए जाना जाता है। साल 1929 में स्थापित यह मिशन लगातार रक्तदान शिविर, स्वच्छता अभियान और पर्यावरण संरक्षण जैसे मानवीय कार्यों का नेतृत्व कर रहा है। कुल्लू की पावन धरती पर होने वाला यह भव्य यूथ सिम्पोजियम मिशन की इसी सेवा परंपरा का एक महत्वपूर्ण और सशक्त हिस्सा है, जो हजारों युवाओं को नई दिशा देगा।

SOURCE: न्यूज एजेंसी
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