Uttarakhand News: मैदानी इलाकों में पड़ रही भीषण गर्मी के बीच उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों में मौसम ने करवट ली है। शनिवार को बदरीनाथ धाम और हेमकुंड साहिब की ऊंची चोटियों पर ताजा बर्फबारी दर्ज की गई। वहीं निचले इलाकों में हुई मूसलाधार बारिश से तापमान में भारी गिरावट आई है। औली में ठंड की वापसी से पर्यटक बेहद उत्साहित नजर आ रहे हैं। मौसम के इस बदलते मिजाज ने चारधाम यात्रा पर आए तीर्थयात्रियों को चिलचिलाती धूप से बड़ी राहत दी है।
हेमकुंड साहिब में यात्रा तैयारियों पर लगा ब्रेक
सिखों के पवित्र तीर्थ हेमकुंड साहिब में मौसम का बिगड़ना प्रशासन के लिए चुनौती बन गया है। भारतीय सेना के जवान यहां बर्फ हटाने के काम में जुटे थे, लेकिन भारी बर्फबारी के कारण काम रोकना पड़ा है। ट्रस्ट के सीईओ सरदार सेवा सिंह ने बताया कि घांघरिया से हेमकुंड के बीच रास्ता बनाने में दिक्कतें आ रही हैं। दोपहर के बाद मौसम खराब होने की वजह से सेवादारों को वापस लौटना पड़ रहा है। इससे यात्रा तैयारियों की गति धीमी हो गई है।
बदरीनाथ धाम में पर्यटकों की भारी भीड़ और ठंड
बदरीनाथ धाम में इन दिनों हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। शनिवार शाम को हुई बर्फबारी ने धाम के वातावरण को और अधिक शीतल बना दिया है। आसपास की पहाड़ियों पर चांदी जैसी बर्फ की चादर बिछ गई है, जो बेहद आकर्षक लग रही है। हालांकि ठंड बढ़ने से यात्रियों को गर्म कपड़ों का सहारा लेना पड़ रहा है। चमोली के निचले हिस्सों में हुई बारिश ने पूरे जिले के मौसम को खुशनुमा बना दिया है।
जिला मुख्यालय में ओलावृष्टि और फसलों पर असर
चमोली जिला मुख्यालय में बारिश के साथ-साथ ओलावृष्टि भी हुई है। गनीमत रही कि इस ओलावृष्टि से जान-माल का कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ है। फिलहाल खेतों में गेहूं की फसल पूरी तरह पकी नहीं है, इसलिए किसान इसे फायदेमंद मान रहे हैं। बारिश के चलते नदी-नालों के जलस्तर में भी बढ़ोतरी देखी गई है। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार यह वर्षा भविष्य में धान की खेती और जमीन की नमी के लिए काफी उपयोगी साबित होने वाली है।
पर्यटकों के चेहरे खिले और ठंड का अहसास
औली और जोशीमठ जैसे पर्यटन केंद्रों में ठंड के लौटने से कारोबारी और पर्यटक दोनों खुश हैं। मैदानों की तपिश से बचकर आए लोग इस सुहावने मौसम का जमकर लुत्फ उठा रहे हैं। प्रशासन ने यात्रियों को बदलते मौसम के प्रति सतर्क रहने की सलाह दी है। पहाड़ों पर हो रही इस हलचल ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि उत्तराखंड का मौसम कितना अनिश्चित है। अगले कुछ दिनों तक ऊंचाई वाले इलाकों में ऐसी ही स्थिति रहने की संभावना है।
