Delhi News: शालीमार बाग में शनिवार शाम टेम्पो की चपेट में आकर एक नाबालिग की दर्दनाक मौत के बाद मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने गहरी संवेदना जताई है। उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि सड़क किनारे अवैध कब्जे न होते तो यह हादसा टाला जा सकता था। गौरतलब है कि महज दो महीने पहले इसी इलाके में एक डंपर ने पांच साल की मासूम बच्ची को रौंद दिया था। लगातार हो रही ये घटनाएं यातायात व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रही हैं।
पीछे से आए टेम्पो ने बाइक सवार दो नाबालिगों को रौंदा
शालीमार बाग पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, शनिवार शाम दो नाबालिग लड़के मोटरसाइकिल पर सवार होकर उस संकरी सड़क से निकल रहे थे जहां नाले और सड़क के दोनों ओर बड़े पैमाने पर अवैध कब्जे हैं। अचानक पीछे से तेज रफ्तार से आ रहे एक टेम्पो ने बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। यह टक्कर इतनी भीषण थी कि एक नाबालिग ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। मृतक अंबेडकर नगर हैदरपुर का रहने वाला था।
हाई कोर्ट पहले ही दे चुका है कब्जे हटाने का आदेश
सीएम रेखा गुप्ता ने मृतक के परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि यह हादसा पूरी तरह टाला जा सकता था। उन्होंने आरोप लगाया कि ये अवैध कब्जे पूर्व सरकार के कार्यकाल में सरकारी जमीन पर किए गए थे। इसी समस्या के समाधान के लिए दिल्ली सरकार ने हाई कोर्ट का रुख किया था। कोर्ट ने पहले ही रोड नंबर 320 पर बनी 140 से अधिक अवैध इकाइयों को चिह्नित कर उन्हें तुरंत हटाने का सख्त आदेश जारी कर दिया है।
आजादपुर से आउटर रिंग रोड तक सुगम होगा सफर
मुख्यमंत्री ने बताया कि इसी रूट पर दिल्ली सरकार ने एक बड़े अंडरपास का निर्माण भी कराया है। इसके पूरा होने से आजादपुर की ओर से आने वाला पूरा ट्रैफिक बिना किसी जाम के सीधे आउटर रिंग रोड और मुकरबा चौक तक पहुंच सकेगा। उन्होंने कहा कि एक बार जब ये अवैध कब्जे पूरी तरह हटा दिए जाएंगे, तो उत्तरी दिल्ली से रिंग रोड होते हुए आउटर रिंग रोड तक का सफर पूरी तरह सुगम हो जाएगा।
दो बड़े अस्पताल और शिक्षण संस्थान बढ़ाते हैं दबाव
रेखा गुप्ता ने इस इलाके की संवेदनशीलता को रेखांकित करते हुए कहा कि यहां दो बड़े अस्पताल, कई शैक्षणिक संस्थान और पुलिस के महत्वपूर्ण कार्यालय स्थित हैं। इनकी वजह से दिनभर यहां वाहनों और राहगीरों का भारी दबाव बना रहता है। अवैध कब्जों ने इस दबाव को और खतरनाक बना दिया था। अब हाई कोर्ट के आदेश के बाद सरकार इन कब्जों को जल्द से जल्द हटाने की तैयारी में जुट गई है ताकि स्थानीय लोगों को स्थायी राहत मिल सके।
