Delhi News: राजधानी में लगातार बढ़ती पार्किंग की समस्या के स्थायी समाधान के लिए अब ठोस पहल शुरू हो गई है। शहर के पांच अलग-अलग इलाकों में आधुनिक मल्टीलेवल कार पार्किंग बनाने की योजना तैयार कर ली गई है। इससे न केवल सड़कों पर अवैध पार्किंग कम होगी बल्कि ट्रैफिक व्यवस्था भी सुधरेगी। इन सभी परियोजनाओं के लिए जमीन का आवंटन ई-नीलामी के जरिए किया जाएगा।
पांच जगहों पर बनेगी अत्याधुनिक पार्किंग
दिल्ली में पार्किंग की किल्लत को देखते हुए जिन पांच स्थानों को चुना गया है उनमें कड़कड़डूमा, ओखला इंडस्ट्रियल एरिया फेज-1, दिलशाद गार्डन, द्वारका और सैनी एनक्लेव शामिल हैं। ये सभी इलाके घनी आबादी वाले हैं और यहां पार्किंग की भारी दिक्कत रहती है। अधिकारियों का कहना है कि इन परियोजनाओं को अगले तीन वर्षों में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
1261 गाड़ियों के लिए एक साथ होगी व्यवस्था
इन पांचों प्रोजेक्ट के जरिए कुल 1,261 वाहनों को एक साथ पार्क करने की सुविधा विकसित की जाएगी। लगभग 11,048 वर्ग मीटर के विशाल क्षेत्र में बनने वाली ये मल्टीलेवल पार्किंग सड़कों पर खड़ी गाड़ियों की समस्या को काफी हद तक कम करेंगी। इससे ट्रैफिक की रफ्तार बेहतर होने के साथ ही सड़क हादसों में भी कमी आने की उम्मीद जताई जा रही है।
कमर्शियल स्पेस से प्रोजेक्ट को मिलेगी आर्थिक मजबूती
इन पार्किंग कॉम्प्लेक्स का एक निश्चित हिस्सा व्यावसायिक उपयोग के लिए भी आरक्षित रखा गया है। इस कदम से ये परियोजनाएं आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर और व्यवहारिक बन सकेंगी। तय नियमों के अनुसार यह संपूर्ण कमर्शियल स्पेस मास्टर प्लान-2021 के दायरे में रहकर ही इस्तेमाल किया जाएगा। अलग-अलग श्रेणियों के लिए पार्किंग और कमर्शियल स्पेस के रेट भी पृथक रूप से तय किए गए हैं।
रिहायशी इलाकों की मुश्किल हुई थी बेकाबू
दिल्ली में पार्किंग की समस्या लगातार गंभीर होती जा रही है। सबसे बड़ी मार झेलनी पड़ रही है रिहायशी कॉलोनियों के निवासियों को, जहां अक्सर पार्किंग को लेकर छोटी-छोटी बातों पर विवाद और मारपीट हो जाती है। हाल ही में प्रीत विहार में पार्किंग को लेकर हुए एक मामूली झगड़े ने हिंसक रूप ले लिया था। इस घटना ने इस समस्या की भयावहता को पूरी तरह उजागर कर दिया।
स्थानीय लोगों को मिलेगी सुरक्षित सुविधा
अधिकारियों ने बताया कि ये नई मल्टीलेवल पार्किंग परियोजनाएं जानबूझकर उन्हीं इलाकों के आसपास विकसित की जा रही हैं जो सघन रिहायशी क्षेत्रों के करीब हैं। इस रणनीति का सीधा लाभ स्थानीय निवासियों को सुरक्षित और पूरी तरह व्यवस्थित पार्किंग के रूप में मिलेगा। साथ ही सड़कों के किनारे बेतरतीब खड़ी गाड़ियों की समस्या में भी बड़ी राहत मिलने की पूरी उम्मीद है। खासकर कड़कड़डूमा और द्वारका में यह पहल शहरी ढांचे को मजबूत करने में अहम भूमिका निभा सकती है।
