Ghaziabad News: अपहरण और हत्या जैसे संगीन आरोपों में दिल्ली पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए मशहूर यूट्यूबर सलीम वास्तिक के घर पर सन्नाटा पसरा है। लोनी स्थित उनके आवास पर अब ताला लटका हुआ है और उनकी पत्नी अफसाना समेत बच्चे कहीं लापता हैं। स्थानीय लोगों को उनके ठिकाने के बारे में कोई जानकारी नहीं है। सलीम पिछले चार सालों से लोनी के विभिन्न इलाकों में ठिकाने बदल रहा था। पुलिस की इस बड़ी कार्रवाई के बाद गाजियाबाद प्रशासन ने उसे मिली सुरक्षा भी वापस ले ली है।
विवादित बयानों से चर्चा में रहा सलीम वास्तिक
सलीम वास्तिक सोशल मीडिया पर ‘एक्स मुस्लिम’ के नाम से अपनी पहचान बना चुका था। वह अक्सर इस्लामिक कुरीतियों पर विवादित बयान देता था, जिसके चलते वह कट्टरपंथियों के निशाने पर भी रहता था। एसीपी लोनी सिद्धार्थ गौतम ने पुष्टि की है कि दिल्ली पुलिस ने कागजी रवानगी के बाद उसे हिरासत में लिया है। सलीम की गतिविधियों के कारण उसके अपने भाई जहीर से भी सालों पहले रिश्ते खत्म हो चुके थे। भाई का कहना है कि सलीम की हरकतों की वजह से परिवार ने उससे दूरी बना ली थी।
तीन मंजिला मकान से अली गार्डन तक का सफर
सलीम की जीवनशैली और उसके घर बदलने के सिलसिले ने पुलिस को भी चौंका दिया है। वर्ष 2022 में वह नसबंदी कॉलोनी में एक छोटे से तीन मंजिला मकान में रहता था। वहां वह बटन और धागे बेचने का काम करता था। बाद में वह अपनी पत्नी से अलग होकर अली गार्डन कॉलोनी में कार्यालय बनाकर रहने लगा। उसने हाल ही में अशोक विहार के पास भी जमीन खरीदकर मकान बनाया था। जांच में पता चला है कि वह लोनी में अब तक कुल चार बार अपने घर बदल चुका है।
नेटवर्क में शामिल थे कई ‘एक्स मुस्लिम’ साथी
सलीम के पास अक्सर दूसरे शहरों से लोग मिलने आते थे। इनमें खुर्जा का अब्दुल्ला और मुस्तफाबाद का अहसान प्रमुख रूप से शामिल थे। लखनऊ की रहने वाली रिजवाना भी अक्सर सलीम से संपर्क में रहती थी। ये सभी लोग खुद को ‘एक्स मुस्लिम’ बताते थे और सलीम के वैचारिक अभियानों का हिस्सा थे। आसपास के पड़ोसियों का कहना है कि जब सलीम नया मकान बना रहा था, तब उसका परिवार साथ था, लेकिन गिरफ्तारी की खबर मिलते ही सब अचानक गायब हो गए।
खूनी हमले और एनकाउंटर की पुरानी दास्तां
सलीम वास्तिक का विवादों से पुराना नाता रहा है। इसी साल 27 फरवरी को उसके कार्यालय में जानलेवा हमला हुआ था। अमरोहा के दो भाइयों, गुलफाम और जीशान ने उस पर चाकू से हमला किया था। इस मामले में पुलिस ने आरोपियों पर एक लाख का इनाम रखा था। मार्च में हुई मुठभेड़ के दौरान जीशान मारा गया और बाद में गुलफाम भी एनकाउंटर का शिकार हुआ। अस्पताल में भर्ती होने के दौरान यति नरसिंहानंद और विधायक नंदकिशोर गुर्जर जैसे बड़े चेहरे भी सलीम से मिलने पहुंचे थे।
मां ने कराई थी जमानत, भाई ने तोड़ा नाता
सलीम के आपराधिक इतिहास पर उसके भाई जहीर ने अहम खुलासे किए हैं। जहीर ने बताया कि करीब 25 साल पहले ही परिवार ने सलीम से नाता तोड़ लिया था। एक पुराने हत्या के मामले में जब सलीम की गिरफ्तारी हुई, तब उसकी मां ने जमीन और गहने गिरवी रखकर जमानत कराई थी। जमानत मिलते ही सलीम फरार हो गया था और तब से वह अलग-अलग नाम और पहचान के साथ रह रहा था। फिलहाल, दिल्ली पुलिस उससे हत्या और अपहरण के नए मामले में कड़ी पूछताछ कर रही है।
