Rajasthan News: भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत ने शनिवार को न्यायपालिका की विश्वसनीयता और जनता के भरोसे पर बड़ा बयान दिया है। राजस्थान में ‘एसोसिएशन ऑफ रिटायर्ड जजेज’ के कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि न्याय प्रणाली में आम नागरिक का विश्वास बहुत गहरा है। इस पवित्र विश्वास को बनाए रखना हर स्तर पर न्यायपालिका का नैतिक दायित्व है। सीजेआई ने सेवानिवृत्त न्यायाधीशों के अनुभव को समाज के लिए एक अमूल्य निधि बताया और उनकी तुलना राजस्थान की पारंपरिक बावड़ियों से की।
सेवानिवृत्त न्यायाधीशों को बताया ज्ञान का अथाह भंडार
न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने पूर्व न्यायाधीशों के महत्व को रेखांकित करते हुए एक अनूठा उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि जैसे राजस्थान की बावड़ियां सूखे के समय उपयोगी होती हैं, वैसे ही अनुभवी न्यायाधीश कठिन न्यायिक परिस्थितियों में व्यवस्था का मार्गदर्शन करते हैं। लोक अदालतों और मध्यस्थता जैसे महत्वपूर्ण कार्यों में इन वरिष्ठ कानूनी विशेषज्ञों का अनुभव बहुत मददगार साबित हो सकता है। न्यायिक संस्थाओं को देश के संसाधनों का सही उपयोग करने के लिए और अधिक जागरूक रहने की आवश्यकता है।
लोकतंत्र के मजबूत स्तंभ के रूप में न्यायपालिका का कार्य
सीजेआई ने अपने संबोधन में एक प्रेरक शेर “जिसको तूफानों से उलझने की हो आदत, ऐसी कश्ती को समंदर भी दुआ देता है” का जिक्र किया। उन्होंने जोर देकर कहा कि न्यायपालिका को हमेशा साहस के साथ कार्य करना चाहिए। जनता न्यायाधीशों के हर शब्द को सम्मान के साथ स्वीकार करती है, जो व्यवस्था की मजबूती का प्रमाण है। न्यायपालिका का लक्ष्य न केवल न्याय करना है, बल्कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक उस भरोसे को पहुंचाना है।
अदालतों के आधुनिकीकरण पर मुख्यमंत्री का बड़ा ऐलान
इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने भी न्यायपालिका की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि न्यायाधीश केवल कानूनी मुकदमों का निपटारा नहीं करते, बल्कि वे न्याय की आस लगाए बैठे हर व्यक्ति की उम्मीद होते हैं। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि राजस्थान सरकार राज्य में न्यायालयों की संख्या बढ़ाने और अदालतों के आधुनिकीकरण पर तेजी से कार्य कर रही है। नए कानूनों के प्रशिक्षण के लिए भी विशेष व्यवस्थाएं की जा रही हैं ताकि न्यायिक प्रक्रिया और सुगम हो सके।
यूनिफॉर्म रजिस्ट्रेशन नंबर सिस्टम की नई शुरुआत
कार्यक्रम के दौरान राजस्थान उच्च न्यायालय में ‘यूनिफॉर्म रजिस्ट्रेशन नंबर सिस्टम’ का औपचारिक उद्घाटन किया गया। इसके अलावा पूर्व न्यायाधीशों द्वारा लिखे गए महत्वपूर्ण लेखों के संकलन का विमोचन भी हुआ। राजस्थान उच्च न्यायालय के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजीव प्रकाश शर्मा ने विधिक सेवा प्राधिकरण की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी और बड़ी संख्या में कानून के छात्र उपस्थित रहे, जिन्होंने वरिष्ठ न्यायाधीशों के अनुभवों से न्यायिक बारीकियों को समझा।
