Rajasthan News: राजस्थान के कई जिलों में रहस्यमयी बीमारी ने भारी कहर बरपा रखा है। पिछले पंद्रह दिनों में इस जानलेवा बीमारी से तेरह मासूम बच्चों की दर्दनाक मौत हो चुकी है। यह खतरनाक स्थिति मुख्य रूप से उदयपुर, प्रतापगढ़ और सलूंबर जिलों में बनी हुई है। बीमार बच्चों में लगातार उल्टी, दस्त, तेज बुखार और बेहोश होने जैसे गंभीर लक्षण मिल रहे हैं। इस स्वास्थ्य संकट ने पूरे प्रदेश के चिकित्सा विभाग में हड़कंप मचा दिया है।
सलूंबर में अधिक मौतें और प्रशासन का एक्शन
इस रहस्यमयी बीमारी का सबसे घातक असर आदिवासी क्षेत्र सलूंबर में मिला है। यहाँ की घाटा पंचायत के दो गांवों में आठ बच्चों ने दम तोड़ दिया है। दो अन्य मासूम बच्चों की हालत अभी बेहद नाजुक बनी हुई है। सभी मृत बच्चों की उम्र दो से चार साल के बीच है। जिला कलेक्टर मोहम्मद जुनैद ने तुरंत गांवों का दौरा कर सर्वे के सख्त निर्देश दिए हैं।
चिकित्सा विभाग का अलर्ट और बचाव की अपील
डॉक्टर इस बीमारी को वायरल एन्सेफेलाइटिस या नया संक्रामक रोग मान रहे हैं। बच्चों की बिगड़ती हालत देखकर जिलों में डॉक्टरों की विशेष टीमें तैनात हुई हैं। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने स्थानीय ग्रामीणों से एक बेहद जरूरी अपील की है। लोगों को झोलाछाप डॉक्टरों और तांत्रिकों से पूरी तरह दूर रहने की हिदायत दी गई है। लक्षण दिखते ही तुरंत नजदीकी अस्पताल में सही इलाज करवाने की सख्त सलाह है।
विपक्ष के तीखे सवाल और सरकार पर गंभीर आरोप
इस पूरे मामले पर प्रदेश में राजनीति काफी तेज हो गई है। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने राज्य सरकार पर बड़ा और तीखा हमला बोला है। उन्होंने सरकार पर मासूमों की मौत को गंभीरता से न लेने का आरोप लगाया है। जूली के अनुसार मौतों का असली कारण न जानना सरकार की बड़ी नाकामी है। उन्होंने मुख्यमंत्री से तुरंत इस घटना पर संज्ञान लेने की सख्त मांग की है।
