देव कमरूनाग के दर्शन कर लौट रहे श्रद्धालुओं की गाड़ी के ब्रेक फेल, चालक की सूझबूझ से टला भीषण हादसा

Himachal News: हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में श्रद्धालुओं से भरी एक टैम्पू ट्रेवलर भीषण दुर्घटना का शिकार होने से बाल-बाल बच गई। यह हादसा गोहर क्षेत्र के शाला के पास उस समय हुआ जब श्रद्धालु बड़ा देव कमरूनाग के दर्शन कर वापस लौट रहे थे। अचानक गाड़ी के ब्रेक फेल होने से अफरा-तफरी मच गई, लेकिन चालक ने साहस और सूझबूझ का परिचय दिया। उसने वाहन को गहरी खाई में गिरने से बचाने के लिए जानबूझकर पहाड़ी से टकरा दिया। इस साहसी निर्णय की वजह से गाड़ी में सवार 12 लोगों की जान बच गई।

ब्रेक फेल होने पर चालक ने दिखाया साहस

हादसे की जानकारी मिलते ही स्थानीय लोग बचाव के लिए मौके पर पहुंचे। बताया जा रहा है कि टैम्पू ट्रेवलर में दाड़लाघाट क्षेत्र के 12 श्रद्धालु सवार थे। शाला से करीब डेढ़ किलोमीटर पहले वाहन के ब्रेक ने काम करना बंद कर दिया था। ढलान वाले रास्ते पर गाड़ी अनियंत्रित होकर खाई की ओर बढ़ रही थी। चालक ने स्थिति की गंभीरता को तुरंत भांप लिया और बिना देरी किए गाड़ी को दाईं ओर मोड़कर पहाड़ी से भिड़ा दिया। इस टक्कर के बाद गाड़ी रुक गई और एक बड़ा सामूहिक नरसंहार टल गया।

घायलों का अस्पताल में इलाज जारी

इस अचानक हुई टक्कर के कारण वाहन में सवार नौ यात्रियों को चोटें आई हैं। घटना के तुरंत बाद 108 एम्बुलेंस को सूचित किया गया, जिसके माध्यम से सभी घायलों को सिविल अस्पताल गोहर ले जाया गया। चिकित्सा अधिकारियों ने पुष्टि की है कि घायलों को मामूली चोटें आई हैं और सभी की स्थिति खतरे से बाहर है। अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद कुछ लोगों को छुट्टी दे दी गई है। स्थानीय प्रशासन और डॉक्टरों की टीम घायलों की निगरानी कर रही है।

पुलिस की जांच और सुरक्षा परामर्श

गोहर थाना प्रभारी देवराज ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि प्राथमिक जांच में हादसे का कारण तकनीकी खराबी यानी ब्रेक फेल होना पाया गया है। पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना किया है और वाहन को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। प्रशासन ने इस घटना के बाद पर्यटकों और स्थानीय चालकों के लिए परामर्श जारी किया है। पहाड़ी क्षेत्रों में यात्रा करने से पहले ब्रेक, टायर और अन्य तकनीकी पहलुओं की पूरी जांच करने की सख्त हिदायत दी गई है।

सूझबूझ की जमकर हो रही तारीफ

हादसे के बाद स्थानीय ग्रामीणों ने चालक के त्वरित निर्णय की सराहना की है। लोगों का कहना है कि अगर चालक घबरा जाता, तो गाड़ी सैकड़ों फीट गहरी खाई में गिर सकती थी। मंडी जिले के दुर्गम पहाड़ी रास्तों पर अक्सर ऐसे तकनीकी फॉल्ट जानलेवा साबित होते हैं। फिलहाल पुलिस चालक का बयान दर्ज कर रही है और यह सुनिश्चित कर रही है कि घायलों को उचित सहायता मिले। श्रद्धालुओं ने सुरक्षित बचने पर बड़ा देव कमरूनाग का आभार व्यक्त किया है।

SOURCE: न्यूज एजेंसी
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