हिमाचल दिवस पर CM सुक्खू का बड़ा धमाका! कर्मचारियों को DA और जनता को 300 यूनिट मुफ्त बिजली की आस

Himachal News: हिमाचल प्रदेश के स्थापना दिवस का राज्यस्तरीय जश्न इस बार किन्नौर जिले के रिकांगपिओ में आयोजित होने जा रहा है। बुधवार को होने वाले इस भव्य समारोह की अध्यक्षता मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू करेंगे। इस अवसर पर राज्य के करीब पौने तीन लाख सरकारी कर्मचारी और 1.71 लाख पेंशनभोगी मुख्यमंत्री की ओर टकटकी लगाए बैठे हैं। माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री इस मंच से महंगाई भत्ते (DA) और लंबित एरियर को लेकर कोई बड़ी घोषणा कर सकते हैं। बजट में किए गए वादों को जमीन पर उतारने का यह सबसे बड़ा अवसर माना जा रहा है।

कर्मचारियों को 13 प्रतिशत DA और एरियर का इंतजार

हिमाचल के कर्मचारियों का काफी समय से 13 प्रतिशत महंगाई भत्ता लंबित है, जिसके चलते उनमें भारी असंतोष देखा जा रहा है। प्रत्येक कर्मचारी का डीए एरियर अब लाखों रुपयों तक पहुंच चुका है। मुख्यमंत्री सुक्खू ने बजट के दौरान कई राहतों का संकेत दिया था। अब रिकांगपिओ के मंच से यह साफ हो सकता है कि सरकार इस भुगतान को कब और कैसे शुरू करेगी। पेंशनभोगियों को भी उम्मीद है कि वर्ष 2016 से पहले के बकाया और संशोधित पेंशन का भुगतान समयबद्ध तरीके से करने का ऐलान होगा।

मुफ्त बिजली गारंटी और वेतन वृद्धि पर नजर

मुख्यमंत्री इस ऐतिहासिक मौके पर अपनी प्रमुख चुनावी गारंटी को पूरा करने का ऐलान कर सकते हैं। इसके तहत प्रदेश के एक लाख अति गरीब परिवारों को हर महीने 300 यूनिट मुफ्त बिजली देने की योजना शुरू हो सकती है। इसके अलावा, दैनिक वेतन भोगियों की दिहाड़ी 450 रुपये करने और आउटसोर्स कर्मियों का न्यूनतम वेतन 13,750 रुपये करने की अधिसूचना जारी होने की भी प्रबल संभावना है। श्रम विभाग की ओर से इस संबंध में आधिकारिक घोषणा का बेसब्री से इंतजार किया जा रहा है।

चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों और स्टडी लीव पर विशेष फोकस

सरकार इस बार चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों के लिए ग्रेच्युटी और लीव इनकैशमेंट के बकाया भुगतान का खाका पेश कर सकती है। मुख्यमंत्री ने स्टडी लीव पर जाने वाले कर्मचारियों को 100 प्रतिशत वेतन देने की बात भी पहले कही थी। पुराने मामलों में बकाया राशि के भुगतान पर भी रिकांगपिओ में मुहर लग सकती है। इसके साथ ही, जनजातीय क्षेत्रों के विकास के लिए औषधीय पौधों की खेती को बढ़ावा देने वाली नई प्रोत्साहन योजनाओं की घोषणा मुख्यमंत्री के पिटारे से निकल सकती है।

शिक्षक संगठनों की नाराजगी और आंदोलन की चेतावनी

एक ओर जहां उम्मीदें हैं, वहीं दूसरी ओर कर्मचारी संगठनों में निराशा भी घर कर रही है। अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के पूर्व प्रांत महामंत्री डॉ. मामराज पुंडीर ने सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि 2016 के वेतन आयोग का एरियर आज तक नहीं मिला है, जिससे कर्मचारी खुद को ठगा महसूस कर रहे हैं। पुंडीर ने चेतावनी दी है कि यदि हिमाचल दिवस पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया, तो प्रदेशव्यापी आंदोलन शुरू किया जाएगा। सरकार के लिए यह विरोध बड़ी चुनौती बन सकता है।

SOURCE: न्यूज एजेंसी
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